विकसित भारत @2047 हर भारतीय का संकल्प: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 23 Mar, 2026 06:19 PM

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राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि “विकसित भारत @2047” अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना नहीं, बल्कि हर भारतीय का संकल्प बन चुका है।

जयपुर | राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि “विकसित भारत @2047” अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना नहीं, बल्कि हर भारतीय का संकल्प बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश के युवाओं के जोश और संकल्प के चलते यह लक्ष्य तय समय से पहले ही हासिल किया जा सकता है।

देवनानी सोमवार को राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के “विकसित भारत @2047 समर्थ युवा-सशक्त भारत प्रतिभा सम्मान समारोह” को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने की, जबकि क्षेत्रीय निदेशक एस.एस. भटनागर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

 भारत की भूमिका और युवा शक्ति पर जोर

देवनानी ने कहा कि भारत विश्व में महाशक्ति बनने की होड़ में नहीं है, बल्कि “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना के साथ पूरे विश्व को परिवार मानते हुए मार्गदर्शक की भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भारत की सांस्कृतिक जड़ों को समझें और आधुनिक तकनीक, खासकर AI के साथ तालमेल बैठाकर विकास में योगदान दें।

 प्राचीन ज्ञान और आधुनिक नवाचार का संगम

उन्होंने कहा कि वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ भारत की समृद्ध परंपरा और ज्ञान का आधार हैं, जिन्हें युवाओं को आत्मसात करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने गणित, आयुर्वेद और योग जैसी विधाओं के जरिए विश्व को महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसे आज पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है।

 वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान

देवनानी ने अपने विदेश दौरों का जिक्र करते हुए बताया कि जर्मनी और जापान जैसे देशों में भी आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान पर शोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज विदेशी भी भारत की आध्यात्मिकता और संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

 सेवा भाव और सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश

उन्होंने NSS से जुड़े युवाओं को सेवा की भावना अपनाने और समाज के गरीब एवं वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब NSS छात्रों को आदिवासी क्षेत्रों में भेजा गया तो उनके दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव आया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट NSS कार्यकर्ताओं और प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया।

 

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