उदयपुर-डूंगरपुर के बीच पहली वंदे भारत दौड़ी, क्रेडिट को लेकर सियासत तेज

Edited By Afjal Khan, Updated: 16 Feb, 2026 07:05 PM

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उदयपुर से डूंगरपुर होते हुए असारवा (अहमदाबाद) के लिए पहली वंदे भारत ट्रेन का संचालन सोमवार से शुरू हो गया। हाईस्पीड ट्रेन जब 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से डूंगरपुर स्टेशन पहुंची तो यात्रियों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। स्टेशन परिसर...

उदयपुर से डूंगरपुर होते हुए असारवा (अहमदाबाद) के लिए पहली वंदे भारत ट्रेन का संचालन सोमवार से शुरू हो गया। हाईस्पीड ट्रेन जब 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से डूंगरपुर स्टेशन पहुंची तो यात्रियों और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। स्टेशन परिसर में वंदे मातरम और भारत माता के जयघोष गूंज उठे।

ट्रेन निर्धारित समय 1:40 बजे पहुंचने वाली थी, लेकिन मार्ग में स्वागत कार्यक्रमों के कारण यह करीब 28 मिनट देरी से दोपहर 2:08 बजे डूंगरपुर पहुंची। ट्रेन के स्वागत के लिए दोपहर एक बजे से पहले ही बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पर जुट गए थे। लोको पायलट सुशील व्यास का फूलमालाओं से अभिनंदन किया गया। ट्रेन यहां लगभग छह मिनट रुकने के बाद असारवा के लिए रवाना हुई।

उद्घाटन में नेताओं की मौजूदगी, क्रेडिट पर बयानबाजी

रेलवे की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल ने इसे केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र को गुजरात से सीधी कनेक्टिविटी मिली है, जिससे कामगारों और आम यात्रियों को लाभ होगा।

कार्यक्रम में भाजपा और बीएपी के स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। ट्रेन के संचालन को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक श्रेय लेने की चर्चा भी शुरू हो गई है।

उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत भी इसी ट्रेन से डूंगरपुर पहुंचे। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार फिलहाल ट्रेन असारवा स्टेशन तक संचालित हो रही है, लेकिन असारवा से कालूपुर मुख्य स्टेशन के बीच कार्य पूर्ण होने के बाद यह सेवा आगे बढ़ाई जा सकेगी।

आगे मुंबई तक विस्तार की संभावना

सांसद ने बताया कि भविष्य में असारवा-कालूपुर सेक्शन का कार्य पूरा होने के बाद ट्रेन को मुंबई तक विस्तार देने की योजना है। इसके अलावा डूंगरपुर, बांसवाड़ा और रतलाम को रेल नेटवर्क से बेहतर ढंग से जोड़ने का काम जारी है, जिससे वागड़ क्षेत्र में विकास की गति तेज होने की उम्मीद है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस रूट पर फिलहाल 110 किमी प्रतिघंटा की गति से संचालन किया जा रहा है और आगे ट्रैक उन्नयन के बाद गति बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। 

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