गणेशोत्सव पर्व मात्र नहीं है, यह सामाजिक एकजुटता की भारतीय संस्कृति- राज्यपाल

Edited By Chandra Prakash, Updated: 31 Aug, 2025 06:46 PM

the governor participated in ganeshotsav

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने रविवार को कांस्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित गणेसोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने गणेश मंदिर के पुजारियो सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

जयपुर, 31 अगस्त 2025। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने रविवार को कांस्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित गणेसोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने गणेश मंदिर के पुजारियो सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यार्थियों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

राज्यपाल बागडे ने कहा कि गणेश उत्सव पर्व मात्र नहीं है, यह सामाजिक एकजुटता और परस्पर सद्भाव की भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने गणेश उत्सव समारोह मनाये जाने की परंपरा के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकमान्य तिलक ने महाराष्ट्र में इस तरह के आयोजनों की शुरुआत इसलिए की थी कि समाज एकजुट हो और आजादी आंदोलन के लिए जागरूक हों। 

उन्होंने गणेश को विघ्नहर्ता बताते हुए कहा कि वह जीवन से जुड़े सभी संकटों को दूर करते हैं। उन्होंने प्रतिभा सम्मान समारोह को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि इससे दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है।

इससे पहले राज्यपाल बागडे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत "मन की बात" कार्यक्रम को सुना। उन्होंने कहा कि मन की बात जन-जन से जुड़ी हुई भारत की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मन की बात के अंतर्गत देशभर के प्रांतों की संस्कृति, लोगों और विभिन्न क्षेत्रों में लीक से हटकर कार्य करने वालों की कहानियों के आलोक में इसे प्रस्तुत किए जाने को महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक बताया। 

कार्यक्रम में राज्यपाल बागडे का सिविल लाइंस विधायक एवं पत्रकार डॉ. गोपाल शर्मा ने स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान गणेश उत्सव से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुई।

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