Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Mar, 2026 03:46 PM

सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सोमवार सुबह वनकर्मियों के लिए एक खौफनाक घटना घटी। ROPT रेंज के सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र में निरंजन और होम गार्ड जितेंद्र शर्मा गश्त पर निकले थे। सुबह करीब 9:30 बजे, जैसे ही...
सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सोमवार सुबह वनकर्मियों के लिए एक खौफनाक घटना घटी। ROPT रेंज के सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र में निरंजन और होम गार्ड जितेंद्र शर्मा गश्त पर निकले थे। सुबह करीब 9:30 बजे, जैसे ही दोनों अपनी बाइक से एक चढ़ाई वाले मोड़ पर पहुंचे, सामने का नजारा देखकर उनकी सांसें थम गईं। मोड़ पर टाइगर आरबीटी-2511 पहले से ही घात लगाकर बैठा था।
जैसे ही टाइगर ने बाइक को देखा, वह आक्रामक हो गया और जोर से गुर्राने लगा। इस खतरे को भांपते हुए दोनों वनकर्मियों ने फुर्ती दिखाई। उन्होंने अपनी बाइक वहीं छोड़ दी और जंगल की ओर दौड़ लगाकर अपनी जान बचाई।
वनकर्मियों से दूर होने के बाद टाइगर का गुस्सा उनकी बाइक पर उतर आया। उसने मोटरसाइकिल की सीट फाड़ दी, टायर और अन्य हिस्सों पर पंजों से हमला किया और बाइक को करीब 10 मिनट तक घेर रखा। दूर खड़े वनकर्मियों की धड़कनें तेज हो गईं, क्योंकि टाइगर अभी भी बाइक के आसपास मंडरा रहा था।
सौभाग्य से, उसी समय वहां से पर्यटकों की एक जिप्सी गुजर रही थी। जिप्सी चालक और वन स्टाफ ने तुरंत स्थिति भांपते हुए दोनों वनकर्मियों को गाड़ी में बैठा लिया। करीब 5 मिनट बाद टाइगर बाइक को छोड़कर पास की पहाड़ी पर चला गया।
डीएफओ मानसिंह ने बताया कि दोनों कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। वन्यजीव और सुरक्षा अधिकारियों ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना वनकर्मियों और स्थानीय समुदाय के लिए एक चेतावनी भी है कि टाइगर रिजर्व में गश्त के दौरान सतर्कता और सुरक्षा उपायों का पालन अत्यंत जरूरी है।
रणथंभौर के इस खौफनाक encounter ने यह स्पष्ट कर दिया कि जंगल में जानवरों की शक्ति और अप्रत्याशित व्यवहार के बीच सुरक्षा सर्वोपरि है। वनकर्मियों की सूझबूझ और पर्यटकों की मदद ने इस घटना को घातक परिणाम से बचा लिया।