ताल छापर अभयारण्य में वन्यजीव गणना शुरू, दो दिन तक 9 जल स्रोतों पर निगरानी

Edited By Ishika Jain, Updated: 02 May, 2026 04:02 PM

tal chhapar wildlife count water points monitoring 2 days

ताल छापर कृष्ण मृग अभयारण्य में वन्यजीवों की गणना का कार्य शुक्रवार शाम से शुरू हो गया है, जो निर्धारित समय तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान वन विभाग की टीमें चिन्हित जल स्रोतों पर निगरानी रखते हुए वन्यजीवों की संख्या का आंकलन करेंगी।

ताल छापर कृष्ण मृग अभयारण्य में वन्यजीवों की गणना का कार्य शुक्रवार शाम से शुरू हो गया है, जो निर्धारित समय तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान वन विभाग की टीमें चिन्हित जल स्रोतों पर निगरानी रखते हुए वन्यजीवों की संख्या का आंकलन करेंगी।

यह अभयारण्य एशिया में कृष्ण मृगों के लिए प्रसिद्ध है और गणना का मुख्य उद्देश्य इनकी वास्तविक संख्या के साथ अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी का सटीक आंकड़ा जुटाना है।

चांदनी रात का लिया जा रहा सहारा

वन अधिकारियों के अनुसार यह गणना वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर की जा रही है। इस दिन चांदनी अधिक होने से रात के समय पानी पीने आने वाले वन्यजीव स्पष्ट दिखाई देते हैं, जिससे गणना अधिक सटीक हो पाती है।

9 वाटर पॉइंट पर तैनात टीमें

अभयारण्य के 9 निर्धारित जल स्रोतों पर वनकर्मियों को तैनात किया गया है। यहां आने वाले वन्यजीवों पर नजर रखकर उनकी संख्या दर्ज की जाएगी।

तकनीक का भी सहारा

गणना के दौरान जीपीएस और कैमरा ट्रैप का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही वन्यजीवों के पदचिह्नों के आधार पर भी आंकलन किया जाएगा, ताकि परिणाम अधिक विश्वसनीय हो सकें।

तैयारियां पूरी

वन विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभिन्न रेंज के अधिकारी भी निगरानी में लगे हुए हैं, जिससे गणना निष्पक्ष और सटीक हो सके।

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