पोस्ट ऑफिस फ्रेंचाइजी स्कीम 2.0: अब पान-परचून की दुकानों पर भी होगी स्पीड पोस्ट बुकिंग, 12वीं पास को मिलेगा मौका

Edited By Anil Jangid, Updated: 26 Jun, 2026 01:42 PM

speed post and parcel services to be available at kirana shops

जोधपुर: जोधपुर में डाक विभाग अपनी सेवाओं को विस्तार देने और ई-कॉमर्स पार्सल बाजार में मजबूत पकड़ बनाने के लिए नई ‘फ्रेंचाइजी स्कीम 2.0’ लाने की तैयारी कर रहा है।

जोधपुर: जोधपुर में डाक विभाग अपनी सेवाओं को विस्तार देने और ई-कॉमर्स पार्सल बाजार में मजबूत पकड़ बनाने के लिए नई ‘फ्रेंचाइजी स्कीम 2.0’ लाने की तैयारी कर रहा है। इस योजना के तहत अब पान की दुकान, किराना स्टोर, स्टेशनरी शॉप और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठान भी डाक विभाग की फ्रेंचाइजी लेकर स्पीड पोस्ट और पार्सल सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

 

नई व्यवस्था के तहत फ्रेंचाइजी पार्टनर स्पीड पोस्ट बुकिंग, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पार्सल, पिकअप और डिलीवरी जैसी सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। यह पूरा सिस्टम आधुनिक APT 2.0 तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिससे बुकिंग, भुगतान और ट्रैकिंग पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी।

 

डाक विभाग ने इस योजना के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निर्धारित की है। हालांकि केवल डिलीवरी सेवाओं के लिए 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकेंगे। बुकिंग सेंटर के लिए कम से कम 50 वर्गफीट की व्यावसायिक जगह और आवश्यक उपकरण जैसे कंप्यूटर या स्मार्टफोन, इंटरनेट कनेक्शन, बारकोड स्कैनर और वजन मापने की मशीन जरूरी होंगे।

 

योजना में शामिल होने के लिए 5,000 से 15,000 रुपये तक का सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट) देना होगा। प्रारंभिक अनुबंध अवधि तीन साल की होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

 

कमाई के मॉडल को आकर्षक बनाने के लिए फ्रेंचाइजी धारकों को कमीशन आधारित आय दी जाएगी। स्पीड पोस्ट सेवाओं पर 7 से 30 प्रतिशत तक का कमीशन मिलेगा, जबकि पार्सल बुकिंग पर 5 से 25 प्रतिशत तक की कमाई संभव होगी। इसके अलावा 3 किलो तक के पार्सल की डिलीवरी पर 15 रुपये प्रति डिलीवरी और कैश ऑन डिलीवरी (COD) पर अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान है।

 

फ्रेंचाइजी लेने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर पार्सल पिकअप, बुकिंग और डिलीवरी का कार्य करना होगा। सभी लेन-देन और रिकॉर्ड डाक विभाग के मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दर्ज किए जाएंगे। ग्राहकों को रसीद देना अनिवार्य होगा और किसी भी प्रतिबंधित वस्तु की बुकिंग की अनुमति नहीं होगी।

 

डाक विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल ग्रामीण और छोटे कस्बों में डाक सेवाएं तेज होंगी, बल्कि युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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