Edited By Sourabh Dubey, Updated: 15 Jan, 2026 04:19 PM

साहित्य और आत्म-विकास की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी लेखिका शालिनी पासी ने हाल ही में अपनी चर्चित किताब के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने का सरल लेकिन प्रभावशाली दृष्टिकोण साझा किया।
जयपुर। साहित्य और आत्म-विकास की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी लेखिका शालिनी पासी ने हाल ही में अपनी चर्चित किताब के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने का सरल लेकिन प्रभावशाली दृष्टिकोण साझा किया। एक विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति की सफलता का आधार बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि अंदरूनी शांति और मानसिक मजबूती से जुड़ा होता है।
शालिनी पासी ने कहा कि जब तक इंसान अंदर से खुश और मजबूत नहीं होता, तब तक बाहरी सफलता टिकाऊ नहीं हो सकती। उन्होंने अपनी किताब में यह समझाने की कोशिश की है कि अंदर की सोच कैसे बाहर की ताकत और व्यक्तित्व में दिखाई देती है। उनके अनुसार, जैसे हमारा खान-पान हमारी त्वचा पर असर डालता है, वैसे ही हमारे विचार हमारे चेहरे और व्यवहार में झलकते हैं।
उन्होंने बचपन का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह सकारात्मक और नकारात्मक सोच चेहरे के भावों तक को प्रभावित करती है। इसी कारण उन्हें बचपन से ही अच्छे विचार रखने और अच्छे कर्म करने की सीख मिली। उनके अनुसार, आत्मनिर्भर व्यक्ति ही समाज और दुनिया को समृद्ध बना सकता है।
मेहनत और सफलता पर बात करते हुए शालिनी पासी ने कहा कि या तो कोई बहुत अधिक बुद्धिमान होता है, या फिर सामान्य बुद्धि वाला व्यक्ति मेहनत और लगन से सफलता हासिल करता है। उन्होंने युवाओं को यह संदेश दिया कि खुद की तुलना दूसरों से करने के बजाय, अपनी ऊर्जा खुद को बेहतर बनाने में लगानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि नकारात्मक प्रतिस्पर्धा, चुगली या किसी को नीचा दिखाने से हमारी ऊर्जा नष्ट होती है। यदि वही ऊर्जा अपने काम और आत्म-विकास में लगाई जाए, तो सफलता निश्चित है। शालिनी पासी के अनुसार, जब कोई व्यक्ति दिल और आत्मा से काम करता है, तो पूरा ब्रह्मांड उसका साथ देता है।
उनकी किताब आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि यह जीवन को “सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से भी शानदार” बनाने की प्रेरणा देती है।