Edited By Chandra Prakash, Updated: 30 Aug, 2025 04:11 PM

नाबालिग से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम ने 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। यह फैसला राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा उसकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार के बाद आया। कोर्ट ने साफ कहा कि मेडिकल...
जोधपुर, 30 अगस्त 2025 । नाबालिग से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम ने 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। यह फैसला राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा उसकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार के बाद आया। कोर्ट ने साफ कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम की तबीयत अब स्थिर है और उसे किसी विशेष चिकित्सा या अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं है।
कोर्ट का सख्त रुख
27 अगस्त 2025 को जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल द्वारा तैयार की गई मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि –“आसाराम पिछले 3-4 महीनों में कई शहरों में इलाज के लिए गया, लेकिन किसी भी अस्पताल में नियमित रूप से फॉलोअप नहीं कराया गया। उसकी हालत स्थिर है और उसे जेल से बाहर रहने का कोई वाजिब कारण नहीं है।”
वकील की दलील खारिज
सुनवाई के दौरान, आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने तर्क दिया कि “21 अगस्त को एम्स जोधपुर में आसाराम की तबीयत बिगड़ गई थी और डॉक्टरों ने रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की है।”
हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को अस्वीकार कर दिया।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट
कोर्ट के निर्देश पर 6 डॉक्टरों की टीम ने 18 अगस्त को आसाराम की जांच की थी। रिपोर्ट में यह बातें सामने आईं । आसाराम ने एम्स जोधपुर सहित कई शहरों (अहमदाबाद, इंदौर, जयपुर, ऋषिकेश आदि) के हॉस्पिटलों में ओपीडी और इनडोर इलाज लिया। उसने एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दोनों प्रकार की चिकित्सा ली। दस्तावेजों में उसकी स्थिति स्थिर पाई गई। किसी गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति का संकेत नहीं मिला।
जमानत के दौरान 11 साल बाद बेटे से मुलाकात
आसाराम को 7 जनवरी 2025 को 12 साल में पहली बार जमानत मिली थी। इस दौरान वह साढ़े सात महीने जेल से बाहर रहा। इसी दौरान, 25 जून को आसाराम की अपने बेटे नारायण साईं से भी मुलाकात हुई। नारायण साईं, जो सूरत जेल में बंद है, उसे विशेष अनुमति पर जोधपुर के पाल गांव स्थित आश्रम लाया गया, जहां दोनों ने 11 साल बाद एक-दूसरे को देखा।
आसाराम को 2013 में एक नाबालिग शिष्या के साथ बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 2018 में जोधपुर की अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सालों से वह जेल में था, लेकिन उम्र और स्वास्थ्य कारणों से उसने बार-बार जमानत की मांग की थी, जो ज्यादातर खारिज की गईं। जनवरी 2025 में उसे पहली बार अस्थायी राहत मिली, जो अब समाप्त हो गई है।
अब आसाराम फिर से जोधपुर सेंट्रल जेल में है और अपनी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। कोर्ट के स्पष्ट संकेत हैं कि अगर भविष्य में जमानत मांगी जाती है, तो उसके लिए ठोस और विश्वसनीय चिकित्सा प्रमाण आवश्यक होंगे।