Edited By Anil Jangid, Updated: 13 Feb, 2026 02:31 PM

जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले के पाल गांव स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में 11 दिन बाद आई FSL रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा कर दिया है। 28 जनवरी को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके...
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले के पाल गांव स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में 11 दिन बाद आई FSL रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा कर दिया है। 28 जनवरी को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया और विसरा जांच के लिए सैंपल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे थे।
अब सामने आई FSL रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के जहर या अप्राकृतिक तत्व की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार शरीर में कोई जहरीला पदार्थ नहीं पाया गया। इससे उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें साजिश या जहर देकर हत्या की बात कही जा रही थी। हालांकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है, क्योंकि मेडिकल बोर्ड पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट के आधार पर अपनी अंतिम राय देगा।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए गठित SIT ने आश्रम के सीसीटीवी फुटेज और वहां मौजूद लोगों के बयान भी खंगाले। शुरुआती जांच में किसी बाहरी हस्तक्षेप के प्रमाण नहीं मिले हैं। लेकिन मामला अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
साध्वी प्रेम बाईसा का जीवन संघर्षों और विवादों से भरा रहा। बालोतरा जिले के परेऊ गांव से निकलकर वे सोशल मीडिया की लोकप्रिय ‘बाल साध्वी’ बनीं। गुरुकृपा आश्रम से अलग होकर उन्होंने पाल रोड पर ‘साधना कुटीर’ की स्थापना की। जुलाई 2025 में वायरल हुए एक वीडियो और जमीन विवाद ने उनकी छवि को झटका दिया था। मृत्यु के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किए गए रहस्यमयी पोस्ट ने मामले को और उलझा दिया। अब सबकी नजर मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस मौत की असली वजह साफ करेगी।