रविन्द्र सिंह भाटी को राजस्थान हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, धमकी मामले की FIR पर कार्रवाई पर रोक

Edited By Anil Jangid, Updated: 09 Jul, 2026 03:09 PM

rajasthan high court grants interim relief to mla ravindra singh bhati

जोधपुर। बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को राजस्थान हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज धमकी देने के मामले में अगली सुनवाई तक एफआईआर पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।

जोधपुर। बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को राजस्थान हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज धमकी देने के मामले में अगली सुनवाई तक एफआईआर पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की एकल पीठ ने मामले में प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य आधार मानते हुए राजस्थान सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

 

यह मामला बाड़मेर के शिव थाना में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसे विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। शिकायतकर्ता छोटू सिंह ने आरोप लगाया था कि 27 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे विधायक ने उन्हें फोन कर धमकी दी। शिकायत में यह भी कहा गया कि इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कुछ अन्य लोगों ने भी उन्हें और उनके भाई को फोन कर जान-माल के नुकसान तथा बदनामी की धमकी दी।

 

विधायक की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता योगेन्द्र सिंह चारण ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 351(2) और 351(3) के तहत आपराधिक धमकी का प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनाते।

 

याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि कथित घटना के लगभग पांच दिन बाद बिना किसी संतोषजनक कारण के एफआईआर दर्ज कराई गई, जिससे शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। साथ ही शिकायतकर्ता के बाद के आचरण का हवाला देते हुए यह भी कहा गया कि मामला राजनीतिक दबाव और दुर्भावना के तहत दर्ज कराया गया है।

 

दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि मामला विचारणीय है। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई तक एफआईआर के आधार पर होने वाली सभी आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने के आदेश दिए।

 

मामले की पृष्ठभूमि एक सोशल मीडिया टिप्पणी से जुड़ी बताई जा रही है। शिकायतकर्ता छोटू सिंह ने आरोप लगाया था कि एक बच्चे के वीडियो पर की गई उनकी टिप्पणी से नाराज होकर विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने उन्हें फोन पर धमकी दी। इस विवाद के बाद क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। अब मामले में हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अगली सुनवाई पर निर्भर करेगी।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!