राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र शुरू, पहले ही दिन हंगामा

Edited By PTI News Agency, Updated: 23 Jan, 2023 05:27 PM

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जयपुर, 23 जनवरी (भाषा) राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ जहां विपक्ष के सदस्यों ने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर जोरदार हंगामा किया। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण कुछ देर पढ़ने के बाद उसे सदन के...

जयपुर, 23 जनवरी (भाषा) राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ जहां विपक्ष के सदस्यों ने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर जोरदार हंगामा किया। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण कुछ देर पढ़ने के बाद उसे सदन के पटल पर रख दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने सदन में आसन के सामने आकर, तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी आरएलपी के तीन विधायकों को मार्शलों के जरिए सदन से निकलवा दिया।

अध्यक्ष ने तीनों विधायकों को दिन भर की कार्यवाही के लिए निष्कासित कर दिया ।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने भर्ती परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा उठाया और उसके बाद भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी।

राज्यपाल द्वारा अभिभाषण पढ़े जाने के दौरान आरएलपी के विधायक पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली तख्तियां हाथों में लिए कूप में आ गए। भाजपा विधायक भी वहां आकर नारेबाजी करने लगे।

लगभग दो साल पहले राजनीतिक संकट के दौरान अशोक गहलोत सरकार का समर्थन करने वाले माकपा विधायक बलवान पूनियां ने भी पेपर लीक के मामलों को लेकर सदन के कूप में नारेबाजी की।

नारेबाजी तथा शोर शराबे के बीच राज्यपाल ने लगभग आधे घंटे तक अभिभाषण पढ़ा। इसके बाद उन्होंने इसे सदन के पटल पर रख दिया। सदन से राज्यपाल के जाने के लिए कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद सरदारशहर से नवनिर्वाचित विधायक अनिल कुमार शर्मा ने शपथ ली। इस दौरान आरएलपी विधायक पुखराज, नारायण बेनीवाल और इंदिरा देवी ने सदन के कूप में अपना धरना जारी रखा जबकि अन्य विपक्षी सदस्य चुपचाप बैठे रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने इन विधायकों को शांत होने को कहा।

विधायकों द्वारा अध्यक्ष के निर्देश पर ध्यान नहीं दिए जाने पर उन्होंने मार्शल को तीनों विधायकों को सदन से बाहर ले जाने का आदेश दिया। उन्होंने तीनों विधायकों को दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही से निष्कासित भी कर दिया।

वहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने सदन की कार्यवाही के बाद विपक्ष के हंगामे की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक प्रकरण में सभी कार्रवाई की हैं।

गहलोत ने कहा,' हमने (प्रकरण में शामिल) लोगों को जेल में भेज दिया, नौकरी से बर्खास्त कर दिया, जिन छात्रों ने बेईमानी करने की कोशिश की उन्हें आगे किसी परीक्षा में बैठने से अपात्र (डिबार) कर दिया ... सबकुछ सरकार ने किया। इनकी जहन में ये सब बाते हैं इसलिए विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ है नहीं। इसलिए इन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को नहीं होने दिया, नाटक किया। हो हल्ला किया।'
गहलोत ने कहा,'... मैं इनकी निंदा करता हूं .. ये सरकार की उपलब्धियां सामने नहीं आये, इस षडयंत्र में लगे हुए हैं।'
वहीं सदन ने पश्चिम बंगाल और बिहार के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, पूर्व विधायक भंवर लाल शर्मा तथा राजेंद्र कुमार भारतीय और जोधपुर सिलेंडर विस्फोट हादसे की घटना के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

उल्लेखनीय है कि मौजूदा विधानसभा का यह आठवां सत्र है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपना पांचवा और अंतिम बजट विधानसभा में 8 फरवरी को पेश करेंगे।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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