केंद्र आयातित कोयले की खरीद की अनिवार्यता को हटाए : गहलोत

Edited By PTI News Agency, Updated: 18 May, 2022 12:09 AM

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जयपुर, 17 मई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कोयले की समस्या से जूझ रहे राज्यों पर आयातित कोयले की खरीद का दबाव बनाया जा रहा है।

जयपुर, 17 मई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कोयले की समस्या से जूझ रहे राज्यों पर आयातित कोयले की खरीद का दबाव बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने आयातित कोयले के कारण आम उपभोक्ता पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य की विद्युत आवश्यकताओं को देखते हुए समझौते के तहत आवश्यकता अनुसार कोयला उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से आयातित कोयले की खरीद की अनिवार्यता को हटाने का आग्रह भी किया।

गहलोत ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय, केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर, 2021 में राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम पर चार प्रतिशत आयातित कोयला सम्मिश्रण के लिए परामर्श जारी किया गया था, जिसे अप्रैल, 2022 में बढ़ाकर 10 प्रतिशत खरीदना अनिवार्य कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस आयातित कोयले का भाव कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा दिए जा रहे कोयले की कीमत से तीन गुना से भी अधिक है। इसका खर्च करीब 1,736 करोड़ रुपये आने की संभावना है, जोकि घरेलू कोयले की खरीद की कीमत से काफी अधिक है।
गहलोत ने मंगलवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए उत्पादन निगम को प्रदेश में स्थापित विद्युत उत्पादन इकाइयों के सुचारू संचालन और उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने विद्युत लाइन से होने वाले हादसों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और इनकी रोकथाम के लिए प्रदेश में सर्वे कराने के साथ ही अन्य आवश्यक कदम उठाने को कहा।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश में लंबित विद्युत कनेक्शन आवेदनों को जल्द से जल्द जारी कर आमजन को राहत प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी समय में विद्युत की मांग का आंकलन कर आवश्यकता अनुसार उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाए।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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