Edited By Anil Jangid, Updated: 22 May, 2026 05:13 PM

जयपुर। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान राजस्थान की पारंपरिक हस्तकला को वैश्विक मंच पर एक बार फिर प्रमुखता से प्रस्तुत किया। संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने...
जयपुर। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान राजस्थान की पारंपरिक हस्तकला को वैश्विक मंच पर एक बार फिर प्रमुखता से प्रस्तुत किया। संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य अतिथियों को राजस्थान की प्रसिद्ध थेवा, मीनाकारी, कुंदन कला और जयपुर ब्लू पॉटरी से निर्मित विशेष उपहार भेंट किए।
इन उपहारों की डिजाइन जयपुर के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मीनाकारी कलाकार दीपक सांकित द्वारा तैयार की गई बताई गई है। यह पहल भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और “वोकल फॉर लोकल” तथा “लोकल फॉर ग्लोबल” अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत भारतीय पारंपरिक शिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
राजस्थान की इन कलाओं में प्रतापगढ़ की थेवा कला विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें रंगीन कांच पर सोने की बारीक नक्काशी की जाती है। इसी तरह जयपुर की मीनाकारी में धातु पर रंगीन डिजाइन उकेरे जाते हैं, जबकि कुंदन कला में कीमती पत्थरों को सोने की परतों में जड़ा जाता है। जयपुर ब्लू पॉटरी अपनी नीली रंगत और अनूठे डिजाइन के लिए विश्वभर में जानी जाती है।
राज्य के कारीगरों के अनुसार, इस तरह के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोग से इन पारंपरिक कलाओं की मांग और पहचान दोनों में वृद्धि होती है। यह कदम राजस्थान के हस्तशिल्प उद्योग के लिए भी एक बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है।
थेवा कला से जुड़े राघव राजसोनी ने बताया कि इस परंपरा को उनके परिवार ने वर्षों से आगे बढ़ाया है। उनके दिवंगत पिता महेश राजसोनी को इस कला में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान भी प्रदान किया गया था। यह सम्मान राजस्थान की शिल्प परंपरा की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करता है।