Edited By Anil Jangid, Updated: 09 Sep, 2026 03:13 PM

जयपुर। राष्ट्रीय नेत्र जागरूकता समापन समारोह में डॉ. गिरीवर शर्मा ने नेत्रदान एवं अंगदान के महत्व पर अपना प्रेरणादायी वक्तव्य दिया। इस अवसर पर नेत्रदान को लेकर उनके व्यक्तिगत अनुभव और सामाजिक के जागरूकता प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की गई।
जयपुर। राष्ट्रीय नेत्र जागरूकता समापन समारोह में डॉ. गिरीवर शर्मा ने नेत्रदान एवं अंगदान के महत्व पर अपना प्रेरणादायी वक्तव्य दिया। इस अवसर पर नेत्रदान को लेकर उनके व्यक्तिगत अनुभव और सामाजिक के जागरूकता प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की गई।
वी. श्रीनिवास रहे मुख्य अतिथि
इस समारोह में मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव तथा विशिष्ट अतिथि श्रिया गुहा, महानिदेशक, HCM RIPA उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएल. शर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस ने की। इस अवसर पर उषा बापना, सचिव, आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान भी उपस्थित थीं।
नेत्रदान जीवन में रोशनी लौटाने का पुनीत कार्य
इस दौरान डॉ. गिरीवर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नेत्रदान किसी व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाने का पुनीत कार्य है। उन्होंने समाज के लोगों से नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। डॉ. शर्मा ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उनके कजिन भाई स्वर्गीय प्रदीप शर्मा के निधन के बाद उन्होंने उनके परिजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। परिवार की सहमति से स्वर्गीय प्रदीप शर्मा का नेत्रदान कराया गया, जिसके माध्यम से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को दृष्टि का लाभ मिला।
आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान का विशेष आभार
उन्होंने कहा कि अपने परिवार के सदस्य के नेत्रदान के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में रोशनी आने का अनुभव उनके लिए अत्यंत भावुक, गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी रहा। डॉ. गिरीवर शर्मा ने इस अवसर पर आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था ने उन्हें राष्ट्रीय नेत्र जागरूकता समापन समारोह जैसे महत्वपूर्ण मंच पर अपने विचार रखने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक महान माध्यम है।
मुख्य सचिव ने की संबोधन की सराहना
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने डॉ. शर्मा के नेत्रदान एवं अंगदान संबंधी संबोधन की सराहना करते हुए उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया। डॉ. गिरीवर शर्मा ने समाज से अपील की कि हम सभी नेत्रदान् एवं अंगदान के प्रति जागरूक बनें और इस पुनीत संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी भूमिका निभाएँ।