जैसलमेर कलेक्टर पर सांसद उम्मेदराम बेनीवाल का बड़ा आरोप – कहा, 'कंपनियों के मुनीम बन बैठे हैं अफसर'

Edited By Chandra Prakash, Updated: 02 Aug, 2025 07:08 PM

mp ummedram beniwal s big allegation on jaisalmer collector

बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद उम्मेदराम बेनीवाल ने जैसलमेर जिला कलेक्टर प्रतापसिंह नाथावत पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जैसलमेर कलेक्टर निजी कंपनियों के हित में काम कर रहे हैं और “प्रशासनिक अधिकारी कम, कंपनियों के मुनीम ज़्यादा लगते हैं”।

जैसलमेर, 2 अगस्त 2025। बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद उम्मेदराम बेनीवाल ने जैसलमेर जिला कलेक्टर प्रतापसिंह नाथावत पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जैसलमेर कलेक्टर निजी कंपनियों के हित में काम कर रहे हैं और “प्रशासनिक अधिकारी कम, कंपनियों के मुनीम ज़्यादा लगते हैं”।

सांसद ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्रालय की ज़मीन को निजी कंपनियों को देने की नीयत से रजिस्ट्रियां करवाई जा रही हैं। जमीन के स्थानांतरण व किस्म परिवर्तन के लिए नीचे के अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि “ऐसे अधिकारी पर सरकार मेहरबान क्यों है?”

निलंबन के बाद गरमाया विवाद
यह विवाद तब और गरमा गया जब पोकरण तहसीलदार विश्व प्रकाश चारण को हाल ही में राजस्व मंडल द्वारा निलंबित कर दिया गया। चारण ने कलेक्टर के खिलाफ सोशल मीडिया पर खुलकर नाराज़गी जताई थी। इससे पहले पोकरण एसडीएम प्रभजोत सिंह गिल भी कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं।

सांसद बोले – “कलेक्टर पर है बड़े लोगों का आशीर्वाद”
उम्मेदराम बेनीवाल ने कहा कि कलेक्टर ग्रामीणों की भावनाओं को दरकिनार कर रहवासी, गोचर, ओरण और तालाबों की जमीनें भी कंपनियों को सौंप रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कलेक्टर को बड़े लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है, तभी शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

पर्यावरणीय खतरा और सोलर कंपनियों पर निशाना
सांसद ने सोलर कंपनियों द्वारा अंधाधुंध पेड़ कटाई को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “बड़ी संख्या में लग रहे सोलर प्लांट्स से हीटवेव का खतरा बढ़ रहा है। पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन ग्रीन बेल्ट विकसित नहीं की जा रही।”

उन्होंने मांग की कि सरकार कंपनियों से ज़मीन आवंटन के साथ 25 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित कराने का कानून बनाए, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे।

जैसलमेर में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच चल रही यह खींचतान अब राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का रूप लेती दिख रही है। कलेक्टर पर एक के बाद एक लगते आरोप और अधिकारियों का निलंबन इस प्रकरण को और जटिल बना रहा है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।

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