Edited By Anil Jangid, Updated: 07 Jun, 2026 05:32 PM

जैसलमेर: रेगिस्तान की गर्म हवाओं के बीच जैसलमेर में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, लेकिन जैसे ही सूर्यास्त होता है, शहर की शाम बदल जाती है। अब पार्क, उद्यान और सार्वजनिक हरित क्षेत्र लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
जैसलमेर: रेगिस्तान की गर्म हवाओं के बीच जैसलमेर में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, लेकिन जैसे ही सूर्यास्त होता है, शहर की शाम बदल जाती है। अब पार्क, उद्यान और सार्वजनिक हरित क्षेत्र लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
पहले पार्क केवल मॉर्निंग वॉक या बच्चों के खेलने तक सीमित थे, लेकिन अब इनमें ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, बैठने की आधुनिक सुविधाएं और हरित वातावरण शहर की शाम की लाइफलाइन बन गए हैं। शाम छह बजे के बाद पार्कों में युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है।
शहर में स्वास्थ्य जागरूकता के बढ़ते प्रभाव के चलते ओपन जिम उपकरणों का उपयोग भी बढ़ा है। महंगे जिम की सदस्यता लेने की बजाय लोग सार्वजनिक पार्कों में उपलब्ध उपकरणों का लाभ उठा रहे हैं। वॉकिंग ट्रैक पर नियमित दौड़ने और चलने वालों की संख्या भी बढ़ रही है।
पार्क अब केवल मनोरंजन का स्थल नहीं रहे। यहां सामाजिक संबंध भी मजबूत हो रहे हैं। महिलाओं के समूह, वरिष्ठ नागरिक मंच, फिटनेस ग्रुप और युवा मंडलियां स्वतः विकसित हो रही हैं। कई लोग मानते हैं कि पड़ोसियों और परिचितों से नियमित मुलाकात का सबसे आसान माध्यम अब पार्क बन गए हैं।
बच्चों के लिए पार्क डिजिटल डिटॉक्स स्पेस की भूमिका निभा रहे हैं। झूले, स्लाइड, खुले मैदान और समूह खेल उन्हें मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रखते हैं। अभिभावक भी बच्चों को पार्क में समय बिताने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर हो।
चिकित्सकों के अनुसार प्रतिदिन 30 से 45 मिनट तक खुली हवा और हरित वातावरण में समय बिताने से तनाव कम होता है, हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है और मानसिक संतुलन मजबूत होता है। गर्मी के मौसम में नियमित शारीरिक गतिविधियां शरीर की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद करती हैं।
दिनभर व्यापारिक गतिविधियों में व्यस्त रहने के बाद शाम को पार्क में एक घंटा बिताना अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। ओपन जिम और वॉकिंग ट्रैक जैसी सुविधाओं ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया है। पहले शाम का समय घर या बाजार तक सीमित रहता था, लेकिन अब पार्क सामाजिक और स्वास्थ्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।