Edited By Afjal Khan, Updated: 09 Mar, 2026 06:11 PM

राजस्थान के हनुमानगढ़ में विश्व महिला दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में काले कपड़े पहनकर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं देने के फैसले पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे महिलाओं के सम्मान से...
राजस्थान के हनुमानगढ़ में विश्व महिला दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में काले कपड़े पहनकर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं देने के फैसले पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने जंक्शन स्थित सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सभा में पहुंची महिलाओं के दुपट्टे तक बाहर उतरवाए गए, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस जैसे अवसर पर महिलाओं का सम्मान करने के बजाय उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई।
सरकार पर लगाए कई आरोप
मक्कासर ने कहा कि इस घटना से स्पष्ट होता है कि सरकार का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का प्रचार करना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ के लिए कोई नई घोषणा नहीं की। उनके अनुसार जिन विकास कार्यों का जिक्र किया गया, वे सभी पहले की बजट घोषणाएं थीं।
स्थानीय मुद्दों पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से जिले से जुड़े कई अहम मुद्दों पर निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने हनुमानगढ़ में स्पिनिंग मिल को दोबारा शुरू करने, शुगर मिल स्थापित करने और इलाके को राइस बेल्ट घोषित करने जैसे विषयों पर ठोस कदम उठाने की बात कही। साथ ही आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आम किसानों और स्थानीय संगठनों से भी नहीं मिले, जिससे लोगों में निराशा का माहौल है।
सुरक्षा के कारण लगाया गया प्रतिबंध
दरअसल, जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर कुछ स्थानों पर धरने जारी थे। प्रशासन को आशंका थी कि कुछ संगठन मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए कार्यक्रम में काले कपड़े पहनकर आने वालों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। एहतियात के तौर पर काले रंग के पॉलीथिन बैग तक बाहर ही रखवाए गए।
इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे, जिनमें ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष मनमोहन सोनी, मीडिया प्रकोष्ठ प्रभारी जयराम ढुकिया, खुशी अमलानी और आमिर खान शामिल थे।