Edited By Ishika Jain, Updated: 11 Jul, 2026 06:29 PM

हनुमानगढ़ में एफसीआई पल्लेदार मजदूरों ने गेहूं उठाव का समय बदलने का विरोध किया। सीटू ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो सोमवार से काम बंद किया जाएगा।
भीषण गर्मी और उमस के बीच गेहूं उठाव के निर्धारित समय में बदलाव को लेकर एफसीआई पल्लेदार मजदूरों में नाराजगी बढ़ गई है। एफसीआई पल्लेदार मजदूर यूनियन (सीटू) ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने रविवार तक समय में संशोधन नहीं किया तो सोमवार से जिले के एफसीआई डिपो और अनाज मंडियों में गेहूं उठाव का कार्य बंद कर दिया जाएगा।
इस संबंध में शनिवार को संगरिया स्थित दर्शन कोड़ा मजदूर भवन में सीटू की जिला कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष आत्मा सिंह ने की, जिसमें मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए प्रशासन के निर्णय का विरोध किया गया।
यूनियन के जिला सचिव गुरुप्रेम सिंह ने बताया कि वर्तमान में अधिकारियों ने गेहूं की लोडिंग और निकासी का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया है। उनका कहना है कि गोदाम सुबह 10 बजे खुलते हैं और औपचारिक प्रक्रियाओं में समय लगने के कारण वास्तविक कार्य करीब 11 बजे शुरू होता है। ऐसे में मजदूरों को दिन के सबसे गर्म समय में काम करना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं।
यूनियन नेताओं का दावा है कि तेज गर्मी और उमस के कारण कई मजदूरों की तबीयत बिगड़ी है और कुछ मामलों में चक्कर आने व हृदय संबंधी समस्याएं भी सामने आई हैं। उनका आरोप है कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर जिला प्रबंधन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
बैठक में यह भी कहा गया कि प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी के कारण डबली और टिब्बी अनाज मंडियों में गेहूं उठाव का कार्य अपेक्षित गति से पूरा नहीं हो पाया है। यूनियन का कहना है कि पर्याप्त संख्या में ट्रक, ट्रॉलियां और मजदूर उपलब्ध होने के बावजूद सीमित समय तक ही काम कराया जा रहा है, जिससे किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यूनियन ने मांग की है कि गेहूं उठाव का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया जाए, ताकि मजदूर भीषण दोपहर की गर्मी से बच सकें। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो सोमवार से जिलेभर में काम बंद कर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा।