Edited By Ishika Jain, Updated: 18 Mar, 2026 04:46 PM

डूंगरपुर जिले में भीषण गर्मी से पहले पेयजल संकट से निपटने के लिए जलदाय विभाग ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने आमजन को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 1.27 करोड़ रुपए का कंटीजेंसी प्लान तैयार किया है।
डूंगरपुर जिले में भीषण गर्मी से पहले पेयजल संकट से निपटने के लिए जलदाय विभाग ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने आमजन को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 1.27 करोड़ रुपए का कंटीजेंसी प्लान तैयार किया है।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत करना और जर्जर पाइप लाइनों को दुरुस्त करना है, ताकि गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बचा जा सके।
11 गांवों में पाइपलाइन की मरम्मत
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता गोपीचंद वर्मा ने बताया कि पिछले साल अच्छी बारिश होने के कारण डूंगरपुर और सागवाड़ा शहरों में पानी की स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है।
हालांकि जिले के 11 बड़े गांवों में पुरानी पाइप लाइनों की मरम्मत, लीकेज सुधार और मोटर सहित अन्य कार्यों पर 1.27 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए विस्तृत योजना बनाकर सरकार को भेज दी गई है।
हैंडपंप सुधार के लिए अभियान
विभाग ने उन गांवों पर विशेष ध्यान दिया है, जहां नल कनेक्शन के जरिए पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहां हैंडपंपों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसके तहत प्रत्येक पंचायत से हैंडपंपों की स्थिति की रिपोर्ट ली जा रही है और जहां से शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत मरम्मत करवाई जा रही है। साथ ही इसकी नियमित निगरानी भी की जा रही है।
टैंकरों पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य
अधीक्षण अभियंता गोपीचंद वर्मा ने बताया कि दूरदराज के उन गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां पानी के वैकल्पिक स्रोत कम हैं। वर्तमान में दो बड़ी योजनाओं के जरिए 212 गांवों में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
नई योजना के तहत कुओं में सबमर्सिबल पंप लगाना, पाइपलाइन लीकेज ठीक करना और नए बिजली कनेक्शन देना शामिल है। इससे गर्मी के दौरान टैंकरों पर निर्भरता कम होगी और लोगों को राहत मिलेगी।