Edited By Ishika Jain, Updated: 10 May, 2026 04:03 PM

डूंगरपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और बाद में उन्हीं खातों का...
डूंगरपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के लिए किया जाता था। पुलिस जांच में अब तक करीब 50 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।
चितरी थाना पुलिस के अनुसार साइबर सेल से बैंक ऑफ महाराष्ट्र की एक संदिग्ध बैंक अकाउंट गतिविधि की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि खाता एक ग्रामीण व्यक्ति के नाम पर संचालित हो रहा था, जिसके खिलाफ देश के कई राज्यों से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज थीं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों को हर महीने पैसे देने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था। खाता खुलने के बाद उनसे पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए जाते थे। बाद में इन दस्तावेजों का उपयोग साइबर ठगी के नेटवर्क में किया जाता था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक ऐसे खातों को “म्यूल अकाउंट” के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। साइबर ठगी से प्राप्त रकम पहले इन खातों में ट्रांसफर की जाती और फिर अलग-अलग तरीकों से निकाल ली जाती थी, ताकि असली मास्टरमाइंड तक पहुंचना मुश्किल हो सके।
पुलिस ने बताया कि गिरोह खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण लोगों को निशाना बनाता था। मामूली पैसों के लालच में उनके दस्तावेज और बैंकिंग सुविधाओं का दुरुपयोग किया जाता था।
एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर कई स्थानों पर दबिश दी। इसके बाद आरोपी महावीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर पुलिस ने इनाम भी घोषित कर रखा था।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के विस्तार की जानकारी जुटा रही है। वहीं, मामले का मुख्य सरगना घनश्याम कलाल अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।