Edited By Ishika Jain, Updated: 27 Apr, 2026 07:33 PM

बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के डिस्कॉम कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज कर दिया है। सोमवार को विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों ने काला दिवस मनाते हुए अबोहर रोड स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय से...
बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के डिस्कॉम कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज कर दिया है। सोमवार को विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों ने काला दिवस मनाते हुए अबोहर रोड स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला।
मार्च के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से ऊर्जा विभाग को ज्ञापन सौंपकर बिजली वितरण, प्रसारण और उत्पादन क्षेत्र में प्रस्तावित निजीकरण का विरोध दर्ज कराया गया।
इससे पहले अधीक्षण अभियंता कार्यालय में आयोजित सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जोधपुर डिस्कॉम के अंतर्गत श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्रों के निजीकरण की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस फैसले का कर्मचारी और उपभोक्ता दोनों स्तर पर विरोध हो रहा है।
वक्ताओं का कहना था कि निजीकरण लागू होने पर बिजली दरों में बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे किसानों और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। साथ ही, कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा भी प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुधार के नाम पर सरकारी संसाधनों को निजी कंपनियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है, जो जनहित के विपरीत है।
संघर्ष समिति ने कहा कि पहले से ही कई सेवाएं निजी एजेंसियों को दी जा चुकी हैं और अब इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसमें धरना, प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं।