Edited By Anil Jangid, Updated: 25 Jun, 2026 02:02 PM

जयपुर। वूमेन मेंटल हेल्थ स्पेशलिटी सेक्शन, इंडियन साइकाइट्रिक सोसायटी (IPS), गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तथा मेंटल हेल्थ फाउंडेशन, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 24 जून को गौतम हॉस्पिटल के सभागार में महिला मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक प्रभावशाली...
जयपुर। वूमेन मेंटल हेल्थ स्पेशलिटी सेक्शन, इंडियन साइकाइट्रिक सोसायटी (IPS), गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तथा मेंटल हेल्थ फाउंडेशन, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 24 जून को गौतम हॉस्पिटल के सभागार में महिला मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक प्रभावशाली वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 90 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महिला मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में एमिटी यूनिवर्सिटी, आईआईएस यूनिवर्सिटी तथा अपेक्स यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने भागीदारी निभाई। इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण विषयों पर वाद-विवाद आयोजित किया गया। पहला विषय था— महिलाओं के व्यक्तित्व की विकृतियों को किस प्रकार सही तरीके से समझा जा सकता है, जबकि दूसरा विषय था— मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को महिला सशक्तिकरण के साथ किस प्रकार प्रभावी रूप से जोड़ा जा सकता है। प्रतिभागियों ने अपने तर्क, शोध एवं रचनात्मक विचारों के माध्यम से विषयों के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में एमेरिटस प्रोफेसर डॉ. शिव गौतम ने अपने संबोधन में महिलाओं के मानसिक रूप से सशक्त होने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक रूप से मजबूत महिला न केवल स्वयं के जीवन को बेहतर दिशा देती है, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक सोच को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता की निर्णायक डॉ. सुशीला पारीक एवं डॉ. मनीषा गौड़ रहीं। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों की सृजनशीलता, तार्किक सोच तथा विषय की गहन समझ की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ना समाज के लिए सकारात्मक संकेत है।
गौतम हॉस्पिटल की सीईओ राजश्री गौतम ने इस अवसर पर अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से नारी शक्ति की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को समाज की प्रगति के लिए अनिवार्य बताते हुए कहा कि महिलाओं को मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनीता गौतम ने सभी अतिथियों, निर्णायकों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।