Edited By Afjal Khan, Updated: 01 Mar, 2026 05:12 PM

दौसा जिले के चर्चित प्रिंस उर्फ टिल्लू हत्याकांड की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है। घटनास्थल का दोबारा ड्रोन सर्वे कराया गया है और पुराने फुटेज के साथ उसकी तुलना की जा रही है।
दौसा जिले के चर्चित प्रिंस उर्फ टिल्लू हत्याकांड की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है। घटनास्थल का दोबारा ड्रोन सर्वे कराया गया है और पुराने फुटेज के साथ उसकी तुलना की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2020 में तैयार किए गए ड्रोन वीडियो और हालिया रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच अधिकारी यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि बीते वर्षों में जमीन की सतह, ढांचे या आसपास के क्षेत्र में किसी प्रकार का बदलाव तो नहीं हुआ। यदि किसी स्थान पर मिट्टी के भराव, गड्ढे या असामान्य संरचना के संकेत मिलते हैं, तो उसे जांच के दायरे में लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार से होगी जांच
पुलिस ने संदिग्ध स्थानों की वैज्ञानिक जांच के लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) तकनीक के उपयोग की तैयारी की है। यह तकनीक जमीन के भीतर की परतों और संभावित संरचनाओं का संकेत देने में सक्षम मानी जाती है। चिन्हित स्थानों पर जीपीआर सर्वे के बाद आवश्यक होने पर खुदाई भी कराई जा सकती है। जांच टीम को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्य से मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं।
आरोपी कृष्णा को लालसोट कोर्ट में पेश किया गया
मामले में गिरफ्तार आरोपी कृष्णा को बांदीकुई पुलिस ने सोमवार को लालसोट न्यायालय में पेश किया। पेशी के दौरान पुलिस ने अब तक की जांच से जुड़ी जानकारी अदालत के समक्ष रखी और आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक अनुमति मांगी। न्यायालय के आदेश के अनुसार आरोपी को पुलिस रिमांड या न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने पर निर्णय होगा।
हर पहलू की गहन जांच जारी
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी। ड्रोन सर्वे और जीपीआर तकनीक से महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है।