Edited By Ishika Jain, Updated: 03 Jul, 2026 04:24 PM

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर हाईलेवल जांच समिति गठित करने की मांग की।
दौसा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों को लेकर दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक तकनीकी जांच कराने और हाईलेवल समिति गठित करने की मांग की है।
सांसद ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें लोगों की जान जा रही है। उनका कहना है कि केवल हादसों के बाद कार्रवाई करने के बजाय पूरे मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण कराया जाना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं के मूल कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान निकाला जा सके।
अपने पत्र में उन्होंने 1 जुलाई को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के NE-4 और NE-4C जंक्शन पर हुए भीषण बस-ट्रक हादसे का भी उल्लेख किया। इस दुर्घटना में आठ यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। सांसद ने बताया कि हादसे के बाद उन्होंने जिला अस्पताल में घायलों का हाल जाना और दुर्घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।
मुरारीलाल मीणा ने पत्र में एक्सप्रेसवे की कई कमियों की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने कहा कि इंटरचेंज और एग्जिट प्वाइंट्स पर पर्याप्त दिशा-सूचक संकेतक नहीं हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। इसके अलावा कुछ पुलों और फ्लाईओवर पर सड़क की सतह असमान है तथा कई स्थानों पर गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सड़क भी दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 की रात के समय धीमी प्रतिक्रिया, क्षतिग्रस्त किलोमीटर संकेतक, अग्निशमन संसाधनों की कमी और प्रभावी स्पीड मैनेजमेंट सिस्टम की आवश्यकता का भी उल्लेख किया।
सांसद ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक हाईलेवल जांच समिति गठित की जाए। यह समिति एक्सप्रेसवे पर हो रही दुर्घटनाओं के कारणों का तकनीकी अध्ययन कर सुरक्षा सुधारों के लिए ठोस सिफारिशें दे। साथ ही उन्होंने एक्सप्रेसवे पर संचालित एसी स्लीपर बसों के सुरक्षा मानकों की विशेष जांच और उनके सख्ती से पालन की भी मांग की है।