Edited By Afjal Khan, Updated: 25 Feb, 2026 04:18 PM

दौसा: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उपजे विवाद को लेकर अब सियासी और प्रशासनिक स्तर पर पटाक्षेप हो गया है। दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच 2 फरवरी को हुई तीखी बहस के मामले में तहसीलदार ने औपचारिक माफी मांग ली है।
दौसा: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उपजे विवाद को लेकर अब सियासी और प्रशासनिक स्तर पर पटाक्षेप हो गया है। दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच 2 फरवरी को हुई तीखी बहस के मामले में तहसीलदार ने औपचारिक माफी मांग ली है।
यह विवाद दौसा में ट्रक यूनियन के सामने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सामने आया था। घटना के बाद विपक्षी दल की ओर से इसे गंभीर मानते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया गया था।
तहसीलदार गजानंद मीणा ने वासुदेव देवनानी को संबोधित माफीनामा भेजते हुए अपने व्यवहार पर खेद जताया। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में माफीनामा पढ़कर सुनाया और स्पष्ट किया कि अधिकारी द्वारा खेद व्यक्त किए जाने के बाद मामले को समाप्त माना जाता है।
अध्यक्ष ने सदन को अवगत कराया कि उन्हें विपक्षी विधायकों से इस प्रकरण की जानकारी मिली थी। उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए दौसा कलेक्टर से बातचीत की और अगले दिन संबंधित तहसीलदार को तलब कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि जनप्रतिनिधि के प्रति अपेक्षित मर्यादा का पालन नहीं हुआ। इसके बाद जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
माफीनामे में तहसीलदार ने स्वीकार किया कि 2 फरवरी को विधायक के साथ उनका व्यवहार गरिमापूर्ण नहीं था और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसका आश्वासन दिया है।