Edited By Ishika Jain, Updated: 04 Apr, 2026 04:24 PM

राजस्थान के चूरू में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। आसमान में दिनभर बादलों की घनी चादर छाई रही, बीच-बीच में धूप और तेज हवाओं का दौर भी चलता रहा। इस बदलाव से जहां गर्मी पर ब्रेक लगा, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है।
राजस्थान के चूरू में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। आसमान में दिनभर बादलों की घनी चादर छाई रही, बीच-बीच में धूप और तेज हवाओं का दौर भी चलता रहा। इस बदलाव से जहां गर्मी पर ब्रेक लगा, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है।
फसल कटाई के बीच बढ़ा जोखिम
जिले में सरसों और चने की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि गेहूं की कटाई अंतिम चरण में है। सरदारशहर, भानीपुरा और आसपास के क्षेत्रों में सरसों की फसल कट चुकी है, जबकि सिंचित क्षेत्रों में गेहूं की कटाई जारी है।
हालिया बारिश से गेहूं की फसल प्रभावित हुई है, वहीं रतनगढ़ क्षेत्र में इसबगोल की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते 3 और 4 अप्रैल को असर सबसे ज्यादा रहेगा। इस दौरान जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में तेज आंधी, मेघगर्जन और बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
तेज हवाओं से फसलों को खतरा
सांखूफोर्ट क्षेत्र में गेहूं की कटाई जोरों पर है, जबकि कई खेतों में कटी फसल पड़ी हुई है। किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और बारिश से फसलें गिर सकती हैं या भीगकर खराब हो सकती हैं, जिससे उत्पादन और बाजार भाव दोनों प्रभावित होंगे।
तारानगर क्षेत्र में गिरे ओले
तारानगर तहसील के कई गांवों में गुरुवार शाम को ओलावृष्टि दर्ज की गई। खासकर घासला और श्योपुरा में बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों में सफेद चादर सी बिछ गई।
ग्रामीणों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे तेज हवा, बिजली चमकने और गरज के साथ ओले गिरे, जिससे चने की कटी और खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा।
अनिश्चित मौसम से किसान परेशान
मौसम के इस अनिश्चित मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं के दाने भीगने पर उनके काले पड़ने और कीमत गिरने का खतरा है। ऐसे में किसान साफ मौसम की उम्मीद कर रहे हैं।