Edited By Afjal Khan, Updated: 11 Mar, 2026 06:04 PM

राजस्थान के चूरू स्थित सरकारी डीबी अस्पताल में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार को चूरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एमएम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में तैनात बताए जा रहे 80 सफाईकर्मियों में से केवल 11 ही...
राजस्थान के चूरू स्थित सरकारी डीबी अस्पताल में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार को चूरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एमएम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में तैनात बताए जा रहे 80 सफाईकर्मियों में से केवल 11 ही मौके पर मौजूद मिले।
निरीक्षण के दौरान प्रिंसिपल ने सफाई ठेकेदार से अनुपस्थित कर्मचारियों के बारे में जानकारी मांगी और सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिन बाद फिर से निरीक्षण किया जाएगा और व्यवस्था में सुधार नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कई वार्डों का किया निरीक्षण
डॉ. पुकार ने अस्पताल के नए इमरजेंसी वार्ड, मातृ एवं शिशु इकाई, ट्रॉमा सेंटर और बायो मेडिकल वेस्ट कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान नई इमरजेंसी वार्ड के नर्सिंग ड्यूटी रूम की दीवारों पर पान मसाले के दाग देखकर उन्होंने इमरजेंसी इंचार्ज को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु अस्पताल की सीढ़ियों की दीवारों पर भी इसी तरह की गंदगी पाई गई।
बायो मेडिकल वेस्ट के पास फैला मिला कचरा
निरीक्षण के दौरान बायो मेडिकल वेस्ट कक्ष के बाहर कचरा बिखरा मिला, जहां बेसहारा गोवंश कचरे में मुंह मारते नजर आए। इस पर प्रिंसिपल ने संबंधित महिला नर्सिंग अधिकारी को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से यहां सफाई नहीं हुई है।
उन्होंने यह भी बताया कि कचरा उठाने वाला ट्रैक्टर कई बार वहां तक नहीं पहुंच पाता, क्योंकि वेस्ट कक्ष के पास वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े कर दिए जाते हैं।
बायोमेट्रिक उपस्थिति भी नहीं
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल में सफाई ठेका दिए जाने के बावजूद ठेकेदार ने कर्मचारियों के आवश्यक दस्तावेज अभी तक जमा नहीं करवाए हैं। ठेका शर्तों के अनुसार सभी सफाई कर्मचारियों को रोजाना बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करनी थी, लेकिन अब तक किसी कर्मचारी ने बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई है।
निरीक्षण के समय अस्पताल अधीक्षक डॉ दीपक चौधरी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ इकराम हुसैन, डॉ शकील अहमद और वेदप्रकाश खींची सहित अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।