गुर्जर समाज में एक बार फिर नाराजगी बढ़ रही, कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के निवास पर बैठक आयोजित

Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Mar, 2026 02:18 PM

anger in rajasthan s gurjar community over unfulfilled agreement

करौली: राजस्थान के गुर्जर समाज में एक बार फिर नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। करौली जिले के हिंडौन सिटी में स्थित कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के निवास पर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के प्रबुद्ध लोगों और...

करौली: राजस्थान के गुर्जर समाज में एक बार फिर नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। करौली जिले के हिंडौन सिटी में स्थित कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के निवास पर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के प्रबुद्ध लोगों और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने भाग लिया और सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया।

 

बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा 8 जून 2025 को सरकार और समिति के बीच हुए समझौते को लेकर रहा। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि समझौते को हुए करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन सरकार ने केवल एक मांग को ही पूरा किया है। यह मांग शहीद रूपनारायण के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने से संबंधित थी। इसके अलावा बाकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ रही है।

 

समिति के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी शहीद दिवस तक सरकार ने लंबित मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया तो समाज को कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता से गुर्जर समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

 

बैठक में आरक्षण आंदोलन से जुड़े कानूनी मामलों पर भी चर्चा हुई। समिति ने गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच आरक्षण आंदोलन से जुड़े किसी भी मामले का निस्तारण नहीं हुआ है। नवंबर 2023 में जिन 42 मामलों को निस्तारित बताया गया था, उनके FIR नंबर भी आज तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

 

सबसे गंभीर मुद्दा करौली कोतवाली के वर्ष 2008 के मामले और प्रकरण संख्या 4/2016 में संपत्ति कुर्की के आदेश को लेकर सामने आया। समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह राज्यमंत्री को करीब डेढ़ साल पहले इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 

बैठक में कई अहम निर्णय भी लिए गए। सवाई माधोपुर के कुशालीदर्राह स्थित शहीद स्थल पर समाज स्वयं शहीदों की मूर्तियों का अनावरण करेगा। साथ ही TSP क्षेत्रों में MBC आरक्षण लागू करवाने के लिए आंदोलन को तेज करने की रणनीति भी बनाई गई।

 

बैठक में विजय किरोड़ी सिंह बैंसला, परमाल सिंह खटाणा, रामराज भोपर, कप्तान प्रताप सिंह घांटर, रामावतार बडिया, मोहर सिंह माल, एडवोकेट आनंद पटेल, एडवोकेट वीरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह बयाना, सूबेदार जनक सिंह और जीतू तिघरिया सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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