Edited By Anil Jangid, Updated: 15 May, 2026 07:41 PM

करौली। राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया है। यह जानकारी भूमि विकास बैंक के सचिव एवं उप रजिस्ट्रार सुधीर भट्ट ने दी। उन्होंने बताया कि यह योजना...
करौली। राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया है। यह जानकारी भूमि विकास बैंक के सचिव एवं उप रजिस्ट्रार सुधीर भट्ट ने दी। उन्होंने बताया कि यह योजना प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के पात्र ऋणियों के लिए शत-प्रतिशत ब्याज राहत प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है।
सुधीर भट्ट के अनुसार, 3 मार्च 2026 तक इस योजना के तहत 376 किसानों को कुल 78.87 लाख रुपए की ब्याज राहत प्रदान की जा चुकी है। जो ऋणी सदस्य पहले निर्धारित अवधि में योजना का लाभ नहीं ले पाए थे, वे अब 30 जून 2026 तक इसका लाभ उठा सकते हैं। पात्र किसानों को केवल बकाया मूलधन और बीमा प्रीमियम जमा करना होगा, जबकि ब्याज में पूरी छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना 2025-26 राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहल है। इसका उद्देश्य सहकारी भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणी किसानों और लघु उद्यमियों को आर्थिक राहत देना है। योजना से किसानों पर जमा ब्याज का बोझ कम होगा, जिससे वे अपने ऋण समय पर चुका सकेंगे और नए ऋण लेने में सक्षम होंगे।
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। 1 जुलाई 2024 की स्थिति में बकाया अवधिपार ब्याज, दंडनीय ब्याज और वसूली खर्च पर 100% छूट दी जाएगी। इससे किसानों को ऋण जाल से मुक्ति मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
भूमि विकास बैंकों के माध्यम से दिए गए मध्यकालीन और दीर्घकालीन ऋण जो 1 जुलाई 2024 तक अवधिपार हो चुके हैं, वे इस योजना में शामिल हैं। हजारों किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिल रही है।
पात्र किसान अपने जिले के सहकारी भूमि विकास बैंक से संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं। राज्य सरकार ने यह अंतिम अवसर प्रदान कर किसानों को वित्तीय राहत और आत्मनिर्भर बनने का मार्ग आसान बना दिया है।