5 से 7 अप्रैल तक लगेगा वरवासन माता का तीन दिवसीय मेला

Edited By Chandra Prakash, Updated: 03 Apr, 2025 12:25 PM

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हर वर्ष की तरह इस साल भी वरवासन माता का भव्य मेला 5 अप्रैल से 7 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। यह मेला गांव आडाडूंगर, तहसील सपोटरा, जिला करौली, राजस्थान में लगता है। पहाड़ियों पर स्थित माता के इस भव्य मंदिर में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब...

करौली, 3 अप्रैल 2025 । हर वर्ष की तरह इस साल भी वरवासन माता का भव्य मेला 5 अप्रैल से 7 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। यह मेला गांव आडाडूंगर, तहसील सपोटरा, जिला करौली, राजस्थान में लगता है। पहाड़ियों पर स्थित माता के इस भव्य मंदिर में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों से भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं।

माता के मेले की खास परंपराएं

अष्टमी के दिन सालवाड का आयोजन: मेले के पहले दिन अष्टमी को माता के सालवाड (पवित्र अनुष्ठान) का आयोजन किया जाता है। इस दौरान एक अनोखा चमत्कार देखने को मिलता है, जिसे देखकर भक्त आश्चर्यचकित रह जाते हैं।

गर्म शूल का चमत्कार: मंदिर के मुख्य पुजारी माता की पूजा के दौरान अपनी जीभ के अंदर से गर्म शूल (लोहे की नुकीली छड़) निकालते हैं। यह एक ऐसा चमत्कारी दृश्य होता है जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो जाते हैं। जैसे ही यह गर्म शूल पुजारी की जीभ से निकाला जाता है, उनकी जीभ पहले जैसी ही स्वस्थ हो जाती है।

मंदिर की परिक्रमा: मुख्य पुजारी माता के मंदिर के चारों ओर गर्म शूल को लेकर परिक्रमा करते हैं। यह माता के चमत्कार और आस्था का एक अद्भुत उदाहरण माना जाता है।

श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण
कहा जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से वरवासन माता के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आता है, माता उनकी सभी इच्छाओं को पूरा करती हैं।

इस पावन मेले की जानकारी भूपेंद्र मीना (सपोटरा, आडाडूंगर) द्वारा दी गई है। माता रानी की कृपा से यह मेला हर साल धूमधाम से आयोजित किया जाता है और हजारों भक्त इसमें शामिल होते हैं।


 

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