CFCL टाउनशिप में करोड़ों की नकबजनी का खुलासा: अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना समेत 3 बदमाश गिरफ्तार, चोरी का माल खरीदने वाले 3 सोनी भी दबोचे

Edited By Anil Jangid, Updated: 15 Jan, 2026 07:56 PM

multi crore burglary solved in cfcl township kota

कोटा। कोटा ग्रामीण के गढ़ेपान स्थित सीएफसीएल टाउनशिप में दिसंबर 2025 में हुई करोड़ों रुपए की नकबजनी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। ग्रामीण पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह के मुखिया सहित तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है।...

कोटा। कोटा ग्रामीण के गढ़ेपान स्थित सीएफसीएल टाउनशिप में दिसंबर 2025 में हुई करोड़ों रुपए की नकबजनी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। ग्रामीण पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह के मुखिया सहित तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण खरीदने वाले तीन सुनारों (सोनी) को भी पुलिस ने गिरफ्त में लिया है। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

गूगल मैप से करते थे टारगेट की पहचान

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी गूगल मैप की मदद से टाउनशिप और फैक्ट्री इलाकों की रेकी करते थे। पहले वे सुरक्षित और संपन्न इलाकों को चिन्हित करते, फिर रात के समय सुनियोजित तरीके से नकबजनी की वारदात को अंजाम देते थे। गिरफ्तार अपराधी पहले भी देश के कई राज्यों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।

133 ग्राम सोना, डेढ़ किलो चांदी और 30 लाख नकद बरामद

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि 13-14 दिसंबर 2025 की रात गढ़ेपान स्थित सीएफसीएल टाउनशिप में करोड़ों की नकबजनी हुई थी। इस मामले में जांच के दौरान टांडा गिरोह का नाम सामने आया। गिरोह की तलाश में पुलिस ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में दबिश दी और आखिरकार मुख्य सरगना करण सिंह, उसके साथी भारत मंडलोई और अनसिंह मेहड़ा को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 133 ग्राम सोना, करीब डेढ़ किलो चांदी, 30 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई कार को जब्त किया है।

चोरी का माल खरीदने वाले सोनी भी गिरफ्त में

पुलिस ने चोरी के आभूषणों को खपाने वाले राज, हार्दिक और संजय नामक तीन सुनारों को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि ये सुनार चोरी के आभूषणों को जानबूझकर खरीदते थे और उन्हें गलाकर बाजार में खपाने की कोशिश करते थे।

देशभर में फैला नेटवर्क, जांच जारी

पुलिस का मानना है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में सक्रिय रहा है और इनके नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने और किन-किन जगहों पर वारदातों को अंजाम दिया है।

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा है कि संगठित अपराध और नकबजनी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस खुलासे के बाद सीएफसीएल टाउनशिप और आसपास के इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली है।

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