जैसलमेर में पंचायत के फरमान पर हिंसा: नाबालिग को भगाने के आरोप में युवक के घर में तोड़फोड़, आगजनी से लाखों का नुकसान

Edited By Anil Jangid, Updated: 15 Jan, 2026 07:34 PM

violence after panchayat order in jaisalmer youth s house set on fire

जैसलमेर। जैसलमेर जिले के रामदेवरा थाना क्षेत्र के छायण गांव में सामाजिक पंचायत के कथित फरमान के बाद कानून को हाथ में लेने का गंभीर मामला सामने आया है। नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप से जुड़े एक विवाद में लड़की पक्ष के लोगों ने युवक के घर पर हमला कर...

जैसलमेर। जैसलमेर जिले के रामदेवरा थाना क्षेत्र के छायण गांव में सामाजिक पंचायत के कथित फरमान के बाद कानून को हाथ में लेने का गंभीर मामला सामने आया है। नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप से जुड़े एक विवाद में लड़की पक्ष के लोगों ने युवक के घर पर हमला कर दिया। आरोप है कि पंचायत की समझौता बैठक में शामिल नहीं होने पर करीब 20 से 25 लोगों की भीड़ ने युवक के घर में घुसकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी, जिससे घर में रखा अनाज और अन्य सामान जलकर राख हो गया।

 

पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना मंगलवार की है। गांव के सामाजिक पंचों ने पहले विवाद को लेकर समझौता बैठक बुलाई थी। युवक के पिता ने बताया कि वह भय के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके। इसी बात से नाराज होकर दूसरे पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर उनके घर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने न केवल घर के अंदर आग लगाई, बल्कि पानी के टांके और अन्य हिस्सों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

 

आगजनी की इस घटना में घर में रखा करीब 10 क्विंटल बाजरा, घरेलू सामान और जरूरी वस्तुएं जलकर नष्ट हो गईं। अचानक हुई इस हिंसक कार्रवाई से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार, आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।

 

पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब एक माह पहले उसके बेटे राजू नाथ (22) के खिलाफ गांव की ही एक नाबालिग लड़की को भगाने का मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में युवक फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। इसी मामले को लेकर गांव में तनाव बना हुआ था और सामाजिक स्तर पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। बैठक में अनुपस्थिति को ही हमले का कारण बताया जा रहा है।

 

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने रामदेवरा पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने आगजनी, तोड़फोड़ और सामूहिक हिंसा की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमला सुनियोजित तरीके से किया गया और इसमें कई लोग शामिल थे।

 

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में पंचायत या सामाजिक दबाव के नाम पर कानून को दरकिनार करने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामलों से सामाजिक तनाव और बढ़ सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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