Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Nov, 2025 04:08 PM

गोल्डन सिटी जैसलमेर एक पर्यटन नगरी है। यहां के किले, हवेलियां, ऐतिहासिक सरोवर व रेत के मखमली धोरे प्रतिवर्ष लाखों सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जैसलमेर का आर्थिक ढांचा भी कहीं न कहीं पर्यटन पर निर्भर है। मगर विगत कुछ समय से कुछ आपराधिक...
जयपुर। गोल्डन सिटी जैसलमेर एक पर्यटन नगरी है। यहां के किले, हवेलियां, ऐतिहासिक सरोवर व रेत के मखमली धोरे प्रतिवर्ष लाखों सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जैसलमेर का आर्थिक ढांचा भी कहीं न कहीं पर्यटन पर निर्भर है। मगर विगत कुछ समय से कुछ आपराधिक प्रवृति के लोग स्वर्णनगरी की छवि को धूमिल करने में लगे हुए है। पैसों के लालची ये लोग चंद रुपयों के लिए पर्यटकों के साथ विभिन्न प्रकार से ठगी करते हैं जिससे यहां आने वाले पर्यटक सुखद अनुभव ले जाने की बजाय खुद को ठगा महसूस करके यहां से मायूस होकर अपने घर लौट रहे हैं।
जैसलमेर में पर्यटकों से ठगी को लेकर ऐसा नहीं कि पुलिस इन लोगो पर कार्यवाही नहीं कर रही। इनकी रोकथाम के लिए पुलिस कई जतन कर रही है, लेकिन ये लोग इतने शातिर हैं कि नई नई तरकीबों से सैलानियों को ठगी का शिकार बना रहे हैं और दूसरा पर्यटक यहां सुकून से घूमने आते हैं इसलिए ठगी होने के बावजूद अधिकतर सैलानी इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराते। गुजरात के सूरत से दो दिन पूर्व जैसलमेर घूमने आए दो दोस्तों को भी यहां के होटल व रिजॉर्ट व्यवसायियों ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार बना लिया।
इसको लेकर भव्य कटारिया ने बताया कि हम जब जैसलमेर आए तो हमे 300 रुपये में होटल में कमरा देकर प्रलोभन दिया गया। उसके बाद हमें 3600 रूपये में डेजर्ट में 45 मिनट कैमल सफारी, 30 मिनट तक जीप सफारी, कल्चर प्रोग्राम, डिनर व स्विस टेंट में रुकवाने का पैकेज दिया गया। हमने 1800 रुपये एडवांस दे दिए। जब हमें ठगी का एहसास हुआ और हमने पैसे वापिस मांगे तो होटल संचालक ने हमें धमकाया। सम डेजर्ट के लिए एक जीप में बारह लोगों को ठूंसा गया। सिर्फ 5 मिनट ही कैमल सफारी करवाई तथा बहुत ही निम्न स्तर का खाना खिलाया। इसके अलावा हमें टेंट के बजाय एक होटल के कमरे में रुकवाया। हमने विरोध किया तो हमे धमकियां दी गई।