Edited By Kailash Singh, Updated: 05 Oct, 2025 12:58 PM

जैसलमेर में ओरण और गोचर भूमि को कंपनियों से बचाने की मांग को लेकर धरना आज 20वें दिन भी जारी रहा। धरनार्थियों ने कई बार सरकार और प्रशासन से संवाद की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने धरना स्थल पहुंचकर समर्थन दिया, जबकि...
जैसलमेर में ओरण व गोचर जमीन को कम्पनियों से बचाने के लिए धरना प्रदर्शन आज 20वें दिन भी जारी है। सरकार व प्रशासन को मनाने के लिए धरनार्थी अब तक कई जतन कर चुके है लेकिन सरकार के कान पर जूं भी नहीं रेंगी है। 20 दिन से चल रहे इस धरने ने अब राजनीति रूप ले लिया है। जैसलमेर जिले में दो सांसद आते है दोनों ही कल जैसलमेर प्रवास पर थे। सांसदों के जैसलमेर में होने से धरने पर बैठे लोगों को काफी उम्मीद थी। बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल तो धरना स्थल पर पहुंचे और उनकी समस्या सुनकर उनकी बात संसद में रखने का आश्वासन भी दिया लेकिन केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का धरनार्थी दिन भर इंतजार करते रहे। शाम तक मंत्री के धरना स्थल पर नहीं आने पर धरनार्थी नंगे पांव पैदल ही सर्किट हाउस पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि मंत्री उन्हें कोई संतोषजनक जवाब देंगे। लेकिन उन लोगो का कहना है कि हम देवी देवताओं की ओरण बचाने के लिए मंत्री जी के पास गए थे लेकिन उन्होंने हमसे सीधे मुंह बात भी नहीं की। वहीं सांसद बेनीवाल ने बताया कि इनकी मांगे जायज है। हमारी पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने जैसलमेर में 30 हजार बीघा जमीन ओरण जमीन राजस्व में दर्ज करवाई थी लेकिन ये सरकार अपनी हठधर्मिता पर उतरी हुई है। आगामी दिनों में जनता इन्हें जवाब दे देगी।