जैसलमेर में बढ़ता जा रहा टीम ओरण का कारवां, समाधान नहीं निकला तो आगामी चुनावों में हो सकता है नुकसान

Edited By Anil Jangid, Updated: 25 Jan, 2026 03:25 PM

growing momentum of team oran movement in jaisalmer

जैसलमेर। मुंहबोली ओरण व गोचर जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने के लिए ओरण प्रेमियों द्वारा तनोट माता से जयपुर के लिए निकाली गई पदयात्रा आज जैसलमेर पहुंचेगी, इस यात्रा को जगह जगह पर मिल रहे जनसमर्थन ने राजनितिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है,...

जैसलमेर। मुंहबोली ओरण व गोचर जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने के लिए ओरण प्रेमियों द्वारा तनोट माता से जयपुर के लिए निकाली गई पदयात्रा आज जैसलमेर पहुंचेगी, इस यात्रा को जगह जगह पर मिल रहे जनसमर्थन ने राजनितिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जल्द ही सरकार व सत्तारुढ़ बीजेपी ने इनकी मांगो को नहीं माना तो आगामी पंचायतीराज व निकाय चुनावों में बीजेपी को नुकसान होना तय माना जा रहा है।

 

गौरतलब है कि ओरण व गोचर जमीन को राजस्व में दर्ज करवाने कि मांग को लेकर टीम ओरण लम्बे समय से आंदोलन रत हैं, पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में विधायक रूपाराम धनदे ने जैसलमेर में करीब 30 हजार बीघा जमीन राजस्व में दर्ज करवाई थी तथा करीब 13 हजार बीघा जमीन को दर्ज करवाने के प्रस्ताव कलेक्टर ने राज्य सरकार को भिजवा दिए थे, उसके अलावा 33 हजार बीघा जमीन का उपखण्ड अधिकारी द्वारा सर्वें कर उसे ओरण में दर्ज करवाने के लिए कलेक्टर को भेज दिए थे, लेकिन सूबे में बीजेपी के सत्ता में आते ही सभी प्रस्ताव धरे रह गए, टीम ओरण द्वारा 34 दिनों तक कलेक्ट्रेट के आगे धरना भी दिया गया था, लेकिन जिले के दोनों विधायकों द्वारा दीपावली से एक रात पहले उन्हें 3 महीने में ओरण दर्ज करने का आश्वासन दिया था।

 

19 जनवरी को 3 महीने में समय के साथ साथ ओरण प्रेमियों का दोनों विधायकों के प्रति विश्वास भी खत्म हो गया इसलिए अब उन्होंने अनूठा प्रदर्शन करते हुए जिले कि अब तक की सबसे लम्बी पैदल यात्रा शुरू की है, आपको बता दें कि अब तक ये यात्रा जिन जिन गाँवो से गुजरी है उनका भव्य स्वागत हुआ है, उन गाँवों में ज्यादातर गांव बीजेपी के समर्थक है तथा ज्यादातर पैदल यात्री भी उसी समाज से आते हैं जो बीजेपी के कोर वोटर माने जाते हैं, जो कि इस वक़्त राज्य सरकार व बीजेपी से नाराज नजर आ रहे हैं।

 

ओरण यात्रियों का कहना है कि बीजेपी गाय को माता कहकर चुनाव में उतरती हैं तथा सत्ता में आने के बाद गायों को भूल जाती है, इसमें आगामी पंचायती राज चुनाव में बीजेपी की तरफ से जो भी दूल्हा बनने की सोच रहा है वो ये याद रखे कि जनता उन्हें घोड़े से गिराने का मादा रखती हैं, बहरहाल जो माहौल है अगर जल्द ही सरकार संज्ञान लेकर इनकी सुनवाई नहीं होती तो आगामी चुनावों में बीजेपी को नुकसान व कांग्रेस को घर बैठे संजीवनी मिलना तय माना जा रहा है।

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