Edited By Anil Jangid, Updated: 21 Jan, 2026 04:01 PM

जयपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी जातीय भेदभाव से जुड़े आदेशों के विरोध में ब्राह्मण संगठनों का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सामने आया। विप्र महासभा और परशुराम सेना के नेतृत्व में राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर यूजीसी के...
जयपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी जातीय भेदभाव से जुड़े आदेशों के विरोध में ब्राह्मण संगठनों का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सामने आया। विप्र महासभा और परशुराम सेना के नेतृत्व में राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर यूजीसी के आदेशों की प्रतियां जलाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने देश में सरकारी स्तर पर जातीय आधार पर नीतियां बनाए जाने को सामाजिक सौहार्द के लिए घातक बताया।
विप्र महासभा के संस्थापक सुनील उदेईया और परशुराम सेना के प्रमुख एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े लोग मौजूद रहे। सुनील उदेईया ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि देश की नीतियां जाति के आधार पर नहीं, बल्कि दबंग–कमजोर और अमीर–गरीब के वास्तविक सामाजिक-आर्थिक आधार पर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जातीय आधार पर योजनाएं बनाकर समाज को बांटने का कार्य किया जा रहा है, जो स्वतंत्र भारत की मूल भावना के खिलाफ है।
एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के कानून और आदेश बेकसूर लोगों के खिलाफ दुरुपयोग का साधन बनते जा रहे हैं। यदि सरकार ने इस दिशा में पुनर्विचार नहीं किया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
विप्र महासभा के प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र भारद्वाज ने कहा कि देश की जनता सदियों से भाईचारे के साथ रहना चाहती है, लेकिन सरकार की जातीय भेदभाव पर आधारित नीतियां समाज में असंतोष और तनाव पैदा कर रही हैं। इससे आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता को नुकसान पहुंच रहा है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संविधान लागू होने के 75 वर्ष बाद भी यदि हम हर योजना, हर कदम और हर नीति में जातियों को आधार बनाकर भेदभाव करेंगे, तो सामाजिक समानता का सपना कैसे साकार होगा। विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की जातिवादी राजनीति को प्रवेश नहीं मिलना चाहिए।
इस मौके पर विप्र महासभा प्रदेश संयोजक जितेंद्र मिश्रा, युवा अध्यक्ष दीपेश मिश्रा, विप्र सेना अध्यक्ष अजीत जोशी, देवेंद्र शर्मा, कैलाश जोशी, रमेश तिवाड़ी, महिला प्रकोष्ठ से हर्षिता शर्मा, बीना शर्मा, रीनू शर्मा, प्रियंका शर्मा सहित एडवोकेट महावीर शर्मा और एडवोकेट भानु मित्र भी उपस्थित रहे।