नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द का विरोध तेज, 5500 बच्चों का भविष्य अधर में, अभिभावक सड़क पर उतरे

Edited By Anil Jangid, Updated: 04 Jan, 2026 01:37 PM

protests intensify against derecognition of neerja modi school

जयपुर। नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा की आत्महत्या के मामले के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने के फैसले के विरोध में शनिवार को जयपुर में अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में अभिभावक अपने...

जयपुर। नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा की आत्महत्या के मामले के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने के फैसले के विरोध में शनिवार को जयपुर में अभिभावकों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल परिसर के बाहर एकत्र हुए और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर सीबीएसई से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।

 

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना है कि सीबीएसई के इस फैसले से स्कूल में पढ़ने वाले करीब 5,500 बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है। बीच सत्र में मान्यता रद्द होने से बच्चों की पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी, नियमित अध्ययन और मानसिक स्थिति पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिभावकों ने कहा कि अचानक लिया गया यह निर्णय न केवल बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि उनमें भय और असमंजस की स्थिति भी पैदा कर रहा है।

 

अभिभावकों ने यह भी चिंता जताई कि यदि बच्चों को अन्य स्कूलों में स्थानांतरित किया जाता है, तो उन्हें नई व्यवस्था, नया वातावरण और पढ़ाई के नए पैटर्न में ढलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इससे बच्चों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन मापदंडों के आधार पर नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द की गई है, क्या अन्य स्कूलों में वे सभी मापदंड पूरी तरह से पूरे होते हैं।

 

धरना-प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों और विद्यार्थियों ने सीबीएसई से अपील की कि वह बाल मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए मान्यता रद्द करने के फैसले को वापस ले, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना बाधा के जारी रह सके। उनका कहना था कि एक दुखद घटना के लिए दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इसका खामियाजा निर्दोष बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए।

 

इस मामले में शिवसेना (शिंदे गुट), राजस्थान ने भी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश मुख्य सचिव इंजीनियर जितेन्द्र हिन्दू ने कहा कि शिवसेना इस दुख की घड़ी में बच्ची के परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

 

इंजीनियर जितेन्द्र हिन्दू ने स्पष्ट किया कि एक गंभीर घटना के आधार पर पूरे विद्यालय की सीबीएसई मान्यता रद्द करना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि इससे सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों निर्दोष बच्चों का भविष्य और मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। शिवसेना ने मान्यता रद्द करने के निर्णय को तत्काल स्थगित करने, बच्चों की पढ़ाई को सुरक्षित रखने और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय जारी रहा, तो शिवसेना राज्यव्यापी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!