कांग्रेस सांसद संजना जाटव, राहुल कस्वां और बृजेन्द्र सिंह ओला ने एमपी-एलएडीएस निधि से साधा राजनीतिक हित

Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Jan, 2026 08:25 PM

congress mps allegedly misused mplads funds for political interests

जयपुर। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने सोमवार को एक बयान जारी कर कांग्रेस के तीन सांसदों पर सांसद विकास निधि का उपयोग राजनीतिक हित के लिए करने का आरोप लगाते हुए तथ्यों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तीन सांसद संजना जाटव...

जयपुर। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने सोमवार को एक बयान जारी कर कांग्रेस के तीन सांसदों पर सांसद विकास निधि का उपयोग राजनीतिक हित के लिए करने का आरोप लगाते हुए तथ्यों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तीन सांसद संजना जाटव (भरतपुर), राहुल कस्वां (चूरू) और बृजेन्द्र सिंह ओला (झुन्झुनूं) केन्द्रीय नेतृत्व के खास नेताओं की खुशामद करने के लिए जनप्रतिनिधि के कर्तव्यों की मर्यादाएं तार-तार कर रहे हैं। 

 

बेढ़म ने कहा कि वे नियमों को ताक में रखकर एमपी-एलएडीएस निधि का पैसा कांग्रेस राज्यसभा सांसद और पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेटे आदित्य सिंह सुरजेवाला के कैथल विधानसभा में खर्च कर रहे हैं। राजस्थान के हिस्से का पैसा इन तीन सांसदों के राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने पर हरियाणा में खर्च किया जा रहा है।


बेढ़म ने कहा कि एमपी-एलएडीएस निधि के नियमों के अनुसार हर सांसद को 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष मिलते हैं जिनमें से अधिकतम 25 लाख रुपये प्रतिवर्ष सांसद अपने क्षेत्र के बाहर खर्च कर सकता है। आपदा में 1 करोड़ रुपये तक दिया जा सकता है। लेकिन कांग्रेस के तीन सांसद संजना जाटव, राहुल कस्वां और बृजेन्द्र सिंह ओला अपनी सांसद निधि का बड़ा हिस्सा हरियाणा के कैथल जिले में भेज रहे हैं जबकि उनकी संसदीय निधि से क्रमशः भरतपुर, चूरू और झुन्झुनूं संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। 


गृह राज्य मंत्री ने कहा कि संजना जाटव 45 लाख रुपये, राहुल कस्वां 50 लाख रुपये और बृजेन्द्र सिंह ओला 25 लाख रुपये सहित लगभग 1.20 करोड़ रुपये कैथल के विकास कार्यों के लिए दे चुके हैं। आश्चर्य है कि राजस्थान की जनता ने उनको वोट दिया लेकिन वो विकास के लिए पैसे हरियाणा को दे रहे हैं।  


बेढ़म ने कहा कि भरतपुर की सांसद संजना जाटव ने एमपी-एलएडीएस निधि से 142 कार्य अनुशंसित किए। इनमें से 37 कार्य ही पूर्ण हुए जो कि अलवर जिले में किए गए। भरतपुर जिले में एक भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ। वहीं उन्होंने कैथल विधानसभा में 45 लाख रुपये के कार्य करवाए।

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