ब्यावर और अजमेर सर्किल भी हुए डिफेक्टिव मीटर मुक्त, ऊर्जा मंत्री ने सौंपे प्रमाण पत्र

Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Jan, 2026 06:11 PM

beawar and ajmer circles become defective meter free

जयपुर। जयपुर विद्युत वितरण निगम के बाद अब अजमेर डिस्कॉम ने भी डिफेक्टिव मीटर मुक्त होने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। अजमेर डिस्कॉम के ब्यावर तथा अजमेर सर्किल डिफेक्टिव मीटर मुक्त सर्किल हो गए हैं।

जयपुर। जयपुर विद्युत वितरण निगम के बाद अब अजमेर डिस्कॉम ने भी डिफेक्टिव मीटर मुक्त होने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। अजमेर डिस्कॉम के ब्यावर तथा अजमेर सर्किल डिफेक्टिव मीटर मुक्त सर्किल हो गए हैं। 

 

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सोमवार को विद्युत भवन में इन दोनों सर्किलों के अधीक्षण अभियन्ताओं को शून्य डिफेक्टिव मीटर सर्किल होने के प्रमाण पत्र सौंपे। नागर ने इस अवसर पर जयपुर डिस्कॉम के पांच सर्किलों -जयपुर जिला वृत्त-दक्षिण, अलवर, टोंक, डीग एवं धौलपुर के अधीक्षण अभियन्ताओं को भी शून्य डिफेक्टिव मीटर सर्किल होने के प्रमाण पत्र प्रदान किए। यह पांचों सर्किल दिसम्बर माह के अन्त में ही शून्य डिफेक्टिव मीटर सर्किल की उपलब्धि अर्जित कर चुके हैं। ब्यावर, टोंक तथा डीग वृत्त ने कृषि सहित सभी श्रेणियों में तथा अजमेर, धौलपुर, अलवर तथा जयपुर जिला वृत्त-दक्षिण ने सिंगल फेज शहरी, सिंगल फेज ग्रामीण तथा थ्री फेज (गैर कृषि) उपभोक्ताओं के खराब विद्युत मीटर बदलने में कामयाबी हासिल की है।

 

ऊर्जा मंत्री ने सभी अधीक्षण अभियन्ताओं को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। डिफेक्टिव मीटर की समस्या दूर होने से उपभोक्ता सेवाएं बेहतर होगीं और वितरण निगमों की दक्षता बढ़ेगी। अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम भी अब खराब मीटर मुक्त होने के लिए मिशन मोड में आगे बढ़ें। बिलिंग में पारदर्शिता लाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

 

राजस्थान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने बताया कि बीते एक वर्ष में जयपुर डिस्कॉम के अभियंताओं, तकनीकी एवं फील्ड स्टाफ ने कड़ी मेहनत, समर्पण, अनुशासन एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर गैर कृषि श्रेणी में सभी 18 सर्किलों को शून्य डिफेक्टिव मीटर मुक्त बनाया है। इससे अजमेर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम को भी प्रेरणा मिली है। इस सफलता को आगे भी बनाए रखा जाएगा। अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक के.पी वर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

शून्य डिफेक्टिव मीटर होने के बाद इन सर्किलों में उपभोक्ताओं को अब वास्तविक उपभोग के आधार पर बिजली बिल जारी किए जाएंगे। जिससे त्रुटिपूर्ण बिलिंग की शिकायतें कम होंगी। दो माह से अधिक समय तक मीटर खराब होने पर विद्युत शुल्क में 5 प्रतिशत की छूट दिए जाने का प्रावधान है। जिससे निगम को राजस्व की हानि होती हैं। डिफेक्टिव मीटर्स के कारण जयपुर विद्युत वितरण निगम को वित्तीय वर्ष 2022-23 में 9 करोड़ 41 लाख रूपए तथा वर्ष 2023-24 में 5 करोड़ 41 लाख रूपए उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में छूट देनी पडी थी। वर्ष 2024-25 में इसे कम कर 2 करोड़ 4 लाख रूपए के स्तर पर लाया गया और वित्त वर्ष 2025-26 में मात्र 16 लाख रूपए का आर्थिक भार ही वहन करना पड़ा है। जिसे आगामी माह में शून्य के स्तर पर लाया जाएगा।

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