Edited By Anil Jangid, Updated: 13 Sep, 2026 09:18 AM

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर –जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं।
जयपुर। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में शामिल हैं। इस साल तृतीया और चतुर्थी तिथि के एक ही तारीख पर पड़ने की वजह से यह विशेष संयोग बन रहा है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर –जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है। आमतौर पर गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज के अगले दिन आती है। हालांकि साल 2026 में पंचांग की तिथियों के कारण दोनों पर्व एक ही दिन मनाए जाएंगे। तृतीया और चतुर्थी तिथि के एक ही तारीख पर पड़ने की वजह से यह विशेष संयोग बन रहा है।
एक ही दिन मनाए जाएंगे दोनों त्योहार
वर्ष 2026 में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व सोमवार 14 सितंबर को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार इस दिन तृतीया तिथि सुबह 7:06 मिनट तक रहेगी और इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। सूर्योदय के समय तृतीया तिथि होने के कारण हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखना उचित माना जा रहा है। इसी दिन सुबह 7:06 मिनट के बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा। भगवान गणेश का जन्म चतुर्थी तिथि के मध्याह्न काल में माना जाता है। इसलिए गणेश चतुर्थी का पर्व भी इसी तारीख को मनाया जाएगा। गणपति पूजा के लिए मध्याह्न काल को विशेष महत्व दिया जाता है और इस वर्ष यह शुभ समय 14 सितंबर को ही उपलब्ध रहेगा।
हरतालिका तीज
भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया 14 सितंबर को हरतालिका तीज मनाई जायेगी। भारत में हरियाली तीज और कजरी तीज के बाद अब हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जाएगा। यह व्रत भी अन्य दोनों व्रत के समान ही महत्व रखता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। हरतालिका तीज व्रत एक कठिन व्रत माना जाता है। इसमें महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र के लिए कामना करती हैं। दरअसल भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है। हरतालिका तीज व्रत कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियां करती हैं। हरतालिका तीज व्रत निराहार और निर्जला किया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए किया था। हरतालिका तीज व्रत करने से महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
हरितालिका तीज तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 13 सितंबर को सुबह 7:08 मिनट से होगी, जो 14 सितंबर 2026 को सुबह 7:06 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026 को ही रखा जाएगा।
गणेश चतुर्थी
इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाया जाएगा और बप्पा के भक्त गणपति की प्रतिमा को घर में लाकर उनकी भक्ति भाव से पूजा करेंगे। इस साल गणेश चतुर्थी का उत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा, जबकि गणेश विसर्जन 25 सितंबर के दिन किया जाएगा। गणेश चतुर्थी के दिन ब्रह्म योग दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। वहीं चित्रा नक्षत्र दोपहर 1:55 बजे तक रहेगा। ऐसे में ब्रह्म योग के दौरान गणपति पूजन, संकल्प और मंत्र जाप को विशेष शुभ माना जा रहा है। श्रद्धालु इस दौरान भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सकेंगे। हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल की चतुर्थी से देशभर में गणेश चतुर्थी पर्व का शुभारंभ हो जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से 10 दिनों तक चलता है। इस दौरान भक्त बप्पा को अपने घर लाते हैं और अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदा कर देते हैं।
गणेश चतुर्थी तिथि
सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी के पर्व का विशेष महत्व होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू होगी। वहीं 15 सितंबर सुबह 7:44 मिनट पर चतुर्थी तिथि का समापन होगा। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। इसके लिए 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी को मनाई जाएगी।