पंचायत पुनर्गठन के विरोध में मोबाइल टावर पर चढ़े युवक, गोठड़ा में 3 घंटे हाई-वोल्टेज ड्रामा!

Edited By Payal Choudhary, Updated: 05 Jan, 2026 06:41 PM

dausa gothda mobile tower protest panchayat restructuring

जब सिस्टम की सुनवाई ज़मीन पर बंद हो जाती है, तब विरोध आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंच जाता है। राजस्थान के दौसा जिला में आज ऐसा ही एक हाई-वोल्टेज दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासन से लेकर ग्रामीणों तक सभी को सतर्क कर दिया।

जब सिस्टम की सुनवाई ज़मीन पर बंद हो जाती है, तब विरोध आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंच जाता है। राजस्थान के दौसा जिला में आज ऐसा ही एक हाई-वोल्टेज दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासन से लेकर ग्रामीणों तक सभी को सतर्क कर दिया। गोठड़ा गांव में पंचायत समिति के पुनर्गठन के विरोध में दो युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गए और तीन घंटे से अधिक समय तक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ यह घटनाक्रम कुछ ही देर में पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

युवकों के टावर पर चढ़ते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवकों को समझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पंचायत समिति के पुनर्गठन में गोठड़ा और आमखेड़ा गांव को दौसा पंचायत समिति से हटाकर नांगल राजावतान पंचायत समिति में जोड़ दिया गया है। नांगल राजावतान इन गांवों से करीब 30–35 किलोमीटर दूर है, जबकि दौसा पंचायत समिति मात्र 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में सरकारी कामकाज और रोजमर्रा के कार्यों के लिए ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। मोबाइल टावर के नीचे सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए SDRF टीम को भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवक लगातार मांग कर रहे हैं कि गोठड़ा और आमखेड़ा गांव को नांगल राजावतान से हटाकर वापस दौसा पंचायत समिति में शामिल किया जाए। प्रशासन की ओर से समझाइश जारी है और उनसे लिखित मांग पत्र भी मांगा गया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक युवक टावर से नीचे नहीं उतरे थे।

नीचे खड़ा प्रशासन, चारों ओर जमा ग्रामीणों की भीड़ और ऊपर टावर पर अड़ा हुआ विरोध—हर पल हालात संवेदनशील बने हुए हैं। यह मामला अब सिर्फ पंचायत समिति के पुनर्गठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, जहां अपनी बात रखने के लिए लोगों को ज़मीन छोड़कर आसमान का सहारा लेना पड़ रहा है। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें उसी मोबाइल टावर पर टिकी हैं, जहां आज एक गांव की आवाज़ ऊंचाई पर अटकी हुई है।

Related Story

    Trending Topics

    IPL
    Royal Challengers Bengaluru

    190/9

    20.0

    Punjab Kings

    184/7

    20.0

    Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

    RR 9.50
    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!