Edited By Anil Jangid, Updated: 11 Feb, 2026 07:28 PM

जयपुर। राजस्थान में प्रौद्योगिकी आधारित कृषि और किसानों की मौज होने वाली है। दरअसल, राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 पेश किया है जिसमें कृषि विकास, सिंचाई और किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वाकांक्षी पहलों की घोषणा की है।
जयपुर। राजस्थान में प्रौद्योगिकी आधारित कृषि और किसानों की मौज होने वाली है। दरअसल, राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 पेश किया है जिसमें कृषि विकास, सिंचाई और किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वाकांक्षी पहलों की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक राजस्थान को प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि शक्ति बनाना है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर सरकार की तरफ से बजट में किन किन चीजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
सिंचाई पर जोर
बजट में की गई घोषणा के अनुसार राज्य ने सीकर, झुंझुनूं, चूरू और अन्य जिलों की 30 वर्षों से लंबित पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हरियाणा के साथ समझौता ज्ञापन किया है। इसके तहत हथिनीकुंड बैराज से यमुना जल को शेखावाटी क्षेत्र तक लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की परियोजना जल्द शुरू की जाएगी।
इसी तरह साल 2030 तक सूक्ष्म सिंचाई के तहत सकल बोए गए क्षेत्र को 24% से बढ़ाकर 51% करने का लक्ष्य रखा गया है। आगामी वर्ष में तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिस पर 1,340 करोड़ रुपये खर्च होंगे और लगभग तीन लाख किसान लाभान्वित होंगे।
सरकार की तरफ से सिंचाई सुविधाओं पर विभिन्न कार्यों के लिए 11,300 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय प्रस्तावित है। इसमें अनास नदी के अधिशेष जल के उपयोग के लिए 5,900 करोड़ रुपये की परियोजना और छोटी कालीसिंध व चाचूर्णी नदी पर 1,622 करोड़ रुपये की मध्यम सिंचाई परियोजना शामिल है।
बांध और तालाबों का जीर्णोद्धार
बजट में की गई घोषणा के अनुसार पंचायती राज विभाग से जल संसाधन विभाग को हस्तांतरित 3,236 छोटे बांधों/तालाबों में से 200 का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
नहर और सोलर पंप परियोजनाएं
डिप्टी सीएम द्वारा की गई घोषणा के अनुसार टोंक जिले की बीसलपुर परियोजना की दायीं मुख्य नहर के 5,000 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में फव्वारा पद्धति से सिंचाई सुविधा के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे 10,500 किसान लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, आगामी वर्ष में 50,000 सोलर पंप संयंत्रों की स्थापना की जाएगी, जिस पर 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बजट भाषण में सरकार की तरफ से कहा गया है कि इन पहलों से न केवल किसानों को जलवायु और जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि राज्य की कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में भी सुधार होगा।