Edited By Anil Jangid, Updated: 01 Feb, 2026 02:01 PM

बीकानेर। बीकानेर जिले की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर भारतीय सेना की आर्मी एयर डिफेंस इकाइयों ने वायु रक्षा मिसाइल फायरिंग अभ्यास का सफल आयोजन किया। इस अभ्यास में OSA-AK/AKM (9K33 Osa) शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल प्रणाली की उच्च सटीकता और त्वरित...
बीकानेर। बीकानेर जिले की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर भारतीय सेना की आर्मी एयर डिफेंस इकाइयों ने वायु रक्षा मिसाइल फायरिंग अभ्यास का सफल आयोजन किया। इस अभ्यास में OSA-AK/AKM (9K33 Osa) शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल प्रणाली की उच्च सटीकता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिला।
रक्षा प्रवक्ता निखिल धवन ने बताया कि अभ्यास के दौरान लक्ष्य की पहचान से लेकर उसके सटीक विनाश तक की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया गया। OSA-AK/AKM प्रणाली ने कम ऊँचाई पर उड़ने वाले हवाई खतरों को कुछ ही सेकेंड में ट्रैक कर सटीक निशाना साधा।
OSA-AK/AKM (9K33 Osa) प्रणाली भारतीय सेना की प्रमुख शॉर्ट-रेंज वायु रक्षा प्रणालियों में शामिल है। यह निम्न ऊँचाई पर उड़ने वाले लड़ाकू विमानों, अटैक हेलीकॉप्टरों, ड्रोन, मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) और क्रूज़ मिसाइल जैसे आधुनिक खतरों को निष्प्रभावी करने में सक्षम है।
इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सर्विलांस रडार, ट्रैकिंग रडार, फायर कंट्रोल और मिसाइल लॉन्च सिस्टम—सभी क्षमताएँ एक ही ट्रैक्ड TELAR प्लेटफॉर्म पर एकीकृत हैं, जिससे प्रतिक्रिया समय बेहद कम हो जाता है और त्वरित कार्रवाई संभव होती है।
यह अभ्यास सप्त शक्ति कमांड के अंतर्गत तैनात डॉट ऑन टारगेट डिवीजन द्वारा किया गया, जिसने पश्चिमी क्षेत्र में भारतीय सेना की वायु सुरक्षा तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ किया। अभ्यास के दौरान कम ऊँचाई पर उड़ने वाले हवाई खतरों के विरुद्ध त्वरित प्रतिक्रिया, सटीक निशाना और निर्बाध कमांड-कंट्रोल समन्वय का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
यह अभ्यास भारतीय सेना की सतत सतर्कता, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र की वायु सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।