बीकानेर पुलिस की फिल्मी स्टाइल कार्रवाई, दो कुख्यात गैंगस्टर दबोचे, भारी मात्रा में हथियार बरामद

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 07 Sep, 2025 07:31 PM

filmy style action of bikaner police

जयपुर । बीकानेर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो कुख्यात गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए हैं।

जयपुर । बीकानेर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो कुख्यात गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए बदमाशों में 25-25 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर श्रवण सिंह सोढ़ा पुत्र लक्ष्मण सिंह (28) निवासी बज्जू और उसके साथी राजेश तर्ड पुत्र रमेश उर्फ रामेश्वर लाल विश्नोई (31) निवासी खाजूवाला जिला बीकानेर शामिल हैं। ये दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। यह कार्रवाई आईजी बीकानेर रेंज हेमंत शर्मा व एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवारी के सुपरविजन और सीओ सदर विशाल जांगिड़ प्रोबेशनर आईपीएस, सीओ नगर श्रवण दास संत के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई।

फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तारी 
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सोढ़ा गैंग का मुखिया श्रवण सोढा अपने साथी के साथ मिलकर बीकानेर शहर में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने वाला है। इनपुट की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने साइबर सेल और मुक्ताप्रसाद पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुख्ता सूचना पर पुलिस टीम ने मुक्ताप्रसाद नगर के रिको इलाके के पास घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध लोग पुलिस को देखकर भागने लगे, टीम ने तुरंत उन्हें दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से 4 अवैध पिस्टल, 1 देशी कट्टा, 1 अतिरिक्त मैगजीन और 13 कारतूस का जखीरा बरामद हुआ।

कौन हैं ये कुख्यात अपराधी 
 1. श्रवण सिंह सोढा : इस पर गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों में कुल 29 संगीन मामले दर्ज हैं। वह एक साल पहले भी बीकानेर पुलिस द्वारा 11 अवैध पिस्टल और 40 कारतूस के साथ गिरफ्तार हुआ था और दो महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। वह गुजरात में एक व्यापारी के अपहरण की वारदात में भी वांछित था।
 2.  राजेश तर्ड : इसके खिलाफ गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में कुल 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया है कि वे अपराधी हैरी बॉक्सर के साथ मिलकर किसी पर फायरिंग करने या फिरौती वसूलने की योजना बना रहे थे। यह हथियार हैरी बॉक्सर ने ही उपलब्ध कराए थे। पुलिस को अंदेशा है कि शहर में और भी अवैध हथियार छिपाए गए हो सकते हैं, जिसकी तलाश में गहन पूछताछ जारी है।

इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल के एएसआई दीपक यादव और कांस्टेबल श्रीराम की अहम भूमिका रही। मुक्ताप्रसाद नगर थाना अधिकारी विजेंद्र शीला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बहादुरी से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर संगठित अपराध की नवीन धाराओं के तहत आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!