Edited By Sourabh Dubey, Updated: 12 Feb, 2026 07:34 PM

बारां जिले में Federation of Medical and Sales Representatives Association of India (FMRAI) के आह्वान पर दवा एवं विक्रय प्रतिनिधियों ने एक दिवसीय हड़ताल की। केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर...
बारां। बारां जिले में Federation of Medical and Sales Representatives Association of India (FMRAI) के आह्वान पर दवा एवं विक्रय प्रतिनिधियों ने एक दिवसीय हड़ताल की। केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह हड़ताल अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की गई, जिसमें देशभर के सवा लाख से अधिक मेडिकल और सेल्स प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पब्लिक पार्क से निकली रैली
बारां में दवा प्रतिनिधि सुबह 11 बजे पब्लिक पार्क में एकत्रित हुए। वहां सभा आयोजित कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया।
प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) को ज्ञापन सौंपा।
श्रम संहिताओं और कार्य घंटे बढ़ाने का विरोध
यूनियन अध्यक्ष सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं को लागू करने, काम के घंटे बढ़ाने और ट्रेड यूनियन अधिकारों पर अंकुश लगाने के विरोध में किया गया। उनका कहना था कि इन नीतियों से कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित होंगे।
संगठन के सदस्य अंशुल व्यास ने जानकारी दी कि ज्ञापन में श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
प्रमुख मांगें क्या हैं?
ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल की गईं—
नई श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए
दवाओं को जीएसटी से मुक्त किया जाए
दवाओं के दामों को नियंत्रित किया जाए
मेडिकल प्रतिनिधियों के लिए स्पष्ट कार्य नियमावली बनाई जाए
न्यूनतम वेतन 26,910 रुपये तय किया जाए
सेल्स टारगेट के नाम पर होने वाले शोषण को रोका जाए
इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग से निजता हनन पर रोक लगाई जाए
प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।