Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 29 Mar, 2026 03:54 PM

उदयपुर से जयपुर और आगरा के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का रूट बदलने के बाद यात्रीभार में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
रूट बदलते ही घटा यात्रीभार
उदयपुर से जयपुर और आगरा के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का रूट बदलने के बाद यात्रीभार में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
करीब एक महीने पहले इस ट्रेन को जयपुर और आगरा रूट से हटाकर उदयपुर से असारवा के बीच संचालित किया जा रहा है, जिसके बाद यात्रियों की संख्या में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
70% से गिरकर 25% पर पहुंचा लोड
पहले जब वंदे भारत ट्रेन उदयपुर से जयपुर रूट पर चल रही थी, तब इसमें करीब 70 प्रतिशत तक यात्रीभार मिल रहा था।
लेकिन असारवा रूट पर आने के बाद यह घटकर सिर्फ 25 से 30 प्रतिशत रह गया है। इससे रेलवे को भी चिंता होने लगी है।
प्रतिदिन 150-160 यात्री ही कर रहे सफर
ट्रेन में कुल:
- 476 चेयर कार सीटें
- 52 एग्जीक्यूटिव क्लास सीटें
इसके बावजूद वर्तमान में प्रतिदिन केवल 150 से 160 यात्री ही यात्रा कर रहे हैं।
सप्ताह में केवल सोमवार को ही यात्रीभार 30 प्रतिशत से थोड़ा अधिक पहुंच पाता है।
बार-बार बदले गए रूट का असर
जानकारों का मानना है कि ट्रेन के रूट में बार-बार बदलाव इसका मुख्य कारण है।
- पहले उदयपुर-जयपुर रूट (6 दिन)
- फिर आगरा वाया कोटा (3 दिन)
- अब असारवा रूट
इन बदलावों के कारण यात्रियों का भरोसा और नियमितता प्रभावित हुई है।
रेलवे बढ़ा रहा प्रयास
रेलवे प्रशासन यात्रीभार बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वंदे भारत को जयपुर होते हुए आगरा रूट पर ही चलाया जाता, तो यात्रीभार बेहतर बना रह सकता था।
भविष्य में नए रूट की जरूरत
रेलवे सूत्रों के अनुसार भविष्य में उदयपुर से सूरत वाया अहमदाबाद नई वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की योजना पर विचार किया जा सकता है, जिससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे।