Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 10 May, 2026 03:51 PM

Udaipur के सबसे व्यस्त पारस तिराहा-पटेल सर्कल क्षेत्र में बन रहा अंडरब्रिज अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। फिलहाल अंतिम फिनिशिंग, सफाई और तकनीकी कार्य जारी हैं।
उदयपुर के सबसे व्यस्त चौराहे पर ट्रैफिक को मिलेगी नई रफ्तार
Udaipur के सबसे व्यस्त पारस तिराहा-पटेल सर्कल क्षेत्र में बन रहा अंडरब्रिज अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। फिलहाल अंतिम फिनिशिंग, सफाई और तकनीकी कार्य जारी हैं।
काम पूरा होते ही अंडरब्रिज को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे शहरवासियों को लंबे समय से लग रहे ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पारस तिराहा प्रोजेक्ट से बदलेगा शहर का ट्रैफिक सिस्टम
यह प्रोजेक्ट उदयपुर के ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह बदलने वाला माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार:
- अंडरपास खुलते ही ट्रैफिक दबाव कम होगा
- यातायात दो हिस्सों में बंट जाएगा
- प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति घटेगी
अंडरपास की प्रमुख खासियतें
अंडरपास एक नजर में
- कुल लंबाई: 210 मीटर
- बॉक्स सेल लंबाई: 30 मीटर
- ऊंचाई: 5 मीटर
- चौड़ाई: 4.5 मीटर
फ्लाईओवर निर्माण भी तेज गति से जारी
42.30 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे फ्लाईओवर के:
- सभी 11 पिलर तैयार
- 2 एबटमेंट पूरे
- अब गर्डर (सेगमेंट) लगाने का काम शुरू होगा
फ्लाईओवर लगभग 550 मीटर लंबा होगा और बलीचा से सेल टैक्स ऑफिस क्षेत्र तक कनेक्टिविटी देगा।
दीपावली तक पूरा हो सकता है काम
हालांकि परियोजना की आधिकारिक समय सीमा दिसंबर 2026 तय है, लेकिन निर्माण की मौजूदा गति को देखते हुए यूडीए को उम्मीद है कि काम दीपावली 2026 तक पूरा हो सकता है।
रोजाना एक लाख लोगों को मिलेगा फायदा
यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद:
- रेलवे स्टेशन
- बस स्टैंड
- सवीना
- बलीचा
- पटेल सर्कल
जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। अनुमान है कि रोजाना 1 लाख से ज्यादा लोग इससे सीधे लाभान्वित होंगे।
ऐसे बदलेगा ट्रैफिक पैटर्न
बलीचा से रेलवे स्टेशन/बस स्टैंड जाने वाले वाहन फ्लाईओवर से गुजरेंगे।
सवीना की ओर से आने वाले वाहन सर्विस रोड और अंडरपास का उपयोग करेंगे।
खांजीपीर, पिछोला और जगदीश मंदिर जाने वाले वाहन सर्विस रोड से निकलेंगे।
भारी वाहन अंडरपास से अलग मार्ग पर डायवर्ट होंगे।
शहर को मिलेगा आधुनिक ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उदयपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देगी और पर्यटन शहर की आवाजाही को पहले से अधिक तेज और सुगम बनाएगी।