देवली-उनियारा में मतदान के दौरान हिंसा, समरावता गांव में तनावपूर्ण माहौल

Edited By Liza Chandel, Updated: 17 Nov, 2024 04:57 PM

violence during voting in deoli uniara tense atmosphere in samravata

टोंक जिले के देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के समरावता गांव में 13 नवंबर को मतदान के दौरान हिंसक घटनाएं हुईं। इस दिन रात में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की वजह से गांव में तनाव का माहौल बन गया। 14 नवंबर को नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने...

 देवली-उनियारा में मतदान के दौरान हिंसा, समरावता गांव में तनावपूर्ण माहौल

टोंक जिले के देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के समरावता गांव में 13 नवंबर को मतदान के दौरान हिंसक घटनाएं हुईं। इस दिन रात में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की वजह से गांव में तनाव का माहौल बन गया। 14 नवंबर को नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने कई स्थानों पर रास्ता जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस पूरे मामले पर सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने नजर बनाए रखी और स्थिति को शांत करने के लिए प्रयास किए।

प्रभावित परिवारों से मुलाकात और मदद का आश्वासन

14 नवंबर को डॉ. किरोड़ीलाल मीणा समरावता पहुंचे और उन परिवारों से मुलाकात की, जिनके घरों में तोड़फोड़, मारपीट और आगजनी हुई थी। उन्होंने पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

मंत्री से मुलाकात और समस्याओं पर चर्चा

15 नवंबर को डॉ. मीणा ग्रामीणों के साथ गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के आवास पर पहुंचे। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने समरावता में हुए उपद्रव और उससे हुए नुकसान की जानकारी मंत्री को दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्दोष परिवारों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा, उनके घरों में तोड़फोड़ की गई, वाहन जलाए गए और पुलिस ने कई निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया।

मांगें: नुकसान की भरपाई और निर्दोषों की रिहाई

डॉ. मीणा ने गृह राज्य मंत्री के सामने ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और मांग की:

  1. न्यायिक जांच: समरावता में हुए उपद्रव की सच्चाई उजागर करने के लिए न्यायिक जांच कराई जाए।
  2. निर्दोषों की रिहाई: गिरफ्तार निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा किया जाए।
  3. नुकसान की भरपाई: प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाए।
  4. प्रशासनिक बदलाव: समरावता और रानीपुरा गांव को उनियारा उपखंड में जोड़ा जाए।
  5. पुलिस कार्रवाई की जांच: पुलिसकर्मियों की कथित एकतरफा कार्रवाई की न्यायिक जांच हो।
  6. भयमुक्त वातावरण: समरावता और आसपास के गांवों से अतिरिक्त पुलिस बल हटाया जाए।

पत्रकारों पर हमले की निंदा और मदद का वादा

15 नवंबर की घटनाओं में पत्रकार अजीत सिंह शेखावत और उनके कैमरामैन धर्मेंद्र पर हुए हमले की डॉ. मीणा ने कड़ी निंदा की। उन्होंने घटना के लिए माफी मांगते हुए घायल पत्रकारों के इलाज और आर्थिक मदद का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों के साथ डॉ. मीणा का संकल्प

डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि वे समरावता के ग्रामीणों के साथ खड़े हैं और उनके न्याय और सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा, "किसी निर्दोष को सजा नहीं होने देंगे और सभी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।"

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