Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 27 Mar, 2026 05:05 PM

टोंक जिले के निवाई उपखंड क्षेत्र के बस्सी गांव में एक बार फिर बघेरे (लेपर्ड) का आतंक देखने को मिला है। मंगलवार रात करीब 8 बजे झिलाई रोड स्थित सरकारी स्कूल के पास बघेरा अचानक एक बाड़े में घुस आया और बंधी बकरियों पर हमला कर दिया।
बघेरे ने फिर दी दस्तक, गांव में दहशत
टोंक जिले के निवाई उपखंड क्षेत्र के बस्सी गांव में एक बार फिर बघेरे (लेपर्ड) का आतंक देखने को मिला है। मंगलवार रात करीब 8 बजे झिलाई रोड स्थित सरकारी स्कूल के पास बघेरा अचानक एक बाड़े में घुस आया और बंधी बकरियों पर हमला कर दिया।
इस हमले में एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई।
अचानक हमले से मचा हड़कंप
बघेरे के हमले के दौरान बकरियों की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। अचानक हुए इस हमले से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों की हलचल देखकर बघेरा तुरंत बाड़े से बाहर निकलकर पहाड़ियों की ओर भाग गया और कुछ ही क्षणों में ओझल हो गया।
पहाड़ी गुफा से निकलकर बाड़े में पहुंचा
पीड़ित पशुपालक गिर्राज हरसाणा ने बताया कि बघेरा पास की पहाड़ी गुफा से निकलकर सीधे बाड़े में कूद गया। उसने एक बकरी को अपना शिकार बनाया और दूसरी को घायल कर दिया।
उन्होंने बताया कि अगर ग्रामीण समय पर नहीं पहुंचते, तो बघेरा और भी पशुओं को नुकसान पहुंचा सकता था।
वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बघेरे के पदचिन्हों की जांच की और मृत बकरी का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफनाया गया।
वन विभाग ने पशुपालक को मुआवजा दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार करना भी शुरू कर दिया है।
लंबे समय से सक्रिय है बघेरा
ग्रामीणों के अनुसार यह बघेरा पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय है और बार-बार पशुधन को निशाना बना रहा है।
इसके चलते बस्सी और आसपास के गांवों में लगातार डर का माहौल बना हुआ है। पशुपालकों की आजीविका पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांग: बघेरे को पकड़कर हटाया जाए
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बघेरे को जल्द से जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वन विभाग का बयान
क्षेत्रीय वन प्रसार अधिकारी धारीलाल बैरवा ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित पशुपालक को जल्द ही मुआवजा दिलाया जाएगा और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी।