Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 11 Apr, 2026 06:08 PM

पूर्वी राजस्थान की महत्वाकांक्षी ईसरदा बांध परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है।
प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने टोंक जिले का दौरा कर बनास नदी पर बन रहे इस प्रोजेक्ट का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। इस दौरान...
ईसरदा बांध परियोजना पर सरकार की नजर
पूर्वी राजस्थान की महत्वाकांक्षी ईसरदा बांध परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है।
प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने टोंक जिले का दौरा कर बनास नदी पर बन रहे इस प्रोजेक्ट का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। इस दौरान Tina Dabi भी मौजूद रहीं।
अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा
मुख्य सचिव के पहुंचने पर टोंक और सवाई माधोपुर प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने परियोजना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति, तकनीकी चुनौतियों और प्रशासनिक अड़चनों पर चर्चा करते हुए उन्हें जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्य का मौके पर निरीक्षण
मुख्य सचिव ने बांध स्थल पर चल रहे कार्यों जैसे:
- कंक्रीट निर्माण
- पाइपलाइन बिछाने का कार्य
- अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियां
का गहन निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और इसे समय सीमा में पूरा किया जाए।
1200 से ज्यादा गांवों को मिलेगा पानी
इस परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वी राजस्थान के कई जिलों को बड़ा लाभ मिलेगा:
- दौसा जिले के करीब 1000 गांव
- सवाई माधोपुर के 177 गांव
को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे दशकों पुराना जल संकट खत्म होने की उम्मीद है।
वॉटर ट्रीटमेंट और पाइपलाइन नेटवर्क
परियोजना के तहत:
- 225 MLD क्षमता का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट
- सैकड़ों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन
बिछाई जा रही है, जिससे ‘हर घर जल’ का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
क्षेत्र में बढ़ी उम्मीदें
मुख्य सचिव के निरीक्षण के बाद टोंक, दौसा और सवाई माधोपुर के लोगों में उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
लोगों को विश्वास है कि जल्द ही बनास नदी का पानी घर-घर पहुंचेगा और लंबे समय से चला आ रहा जल संकट समाप्त होगा।